
UP News: लखनऊ में TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘AI in Construction’ पुस्तक का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में माफियाओं का दबदबा था, लेकिन अब कानून का राज है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश, फॉरेंसिक लैब और डेटा सेंटर के विस्तार को लेकर भी सरकार का विजन बताया।
TechSangam सम्मेलन में सीएम योगी का संबोधन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘AI in Construction’ पुस्तक का अनावरण किया और प्रदेश में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर अपनी बात रखी। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज निवेश के नए अवसर बन रहे हैं। करीब दस साल पहले प्रदेश में ऐसा माहौल बनना मुश्किल लगता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
CM योगी का माफियाओं पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले भू-माफिया सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और व्यवस्था उनके सामने बेबस नजर आती थी। उनकी सरकार ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सीएम के मुताबिक, अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने पर जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ में जमीन कब्जे का मामला

सीएम योगी ने लखनऊ में जमीन पर कब्जे का एक मामला बताते हुए कहा कि एयरपोर्ट के पास की जमीन पर माफिया ने कब्जा कर लिया था। जब यह मामला उनके सामने आया तो उन्होंने संबंधित फाइल मंगवाई और जमीन आवंटित करने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। कार्रवाई शुरू होने के बाद जमीन वापस मिल गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी जमीन पर आज एक महत्वपूर्ण संस्थान खड़ा है और सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने यूपी स्टेट फॉरेंसिक साइंसेज इंस्टीट्यूट की जमीन से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। सीएम के अनुसार, कागजों में हेरफेर करके जमीन अपने नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया था। जांच और एफआईआर के बाद आरोपी ने सरेंडर कर दिया।

माफिया के खिलाफ कार्रवाई और सजा पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
योगी आदित्यनाथ ने एक माफिया का नाम लिए बिना कहा कि उसने 1980 में पहला अपराध किया था। वर्ष 2017 के बाद उस पर शिकंजा कसने की कार्रवाई शुरू हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आरोपी को पंजाब से उत्तर प्रदेश लाने और कानूनी लड़ाई लड़ने में काफी समय लगा। उन्होंने कहा कि करीब 42 साल बाद उस माफिया को सजा मिल सकी। सीएम ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में मजबूत साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया कितनी अहम है।
2030 तक 5 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए प्रदेश में पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे तकनीकी क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
12 लैब तैयार, छह पर काम जारी
सीएम योगी ने फॉरेंसिक जांच व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक फॉरेंसिक लैब थी। इसके बाद सभी 18 रेंज में लैब स्थापित करने की दिशा में काम शुरू किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब 12 फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार हैं और छह पर काम चल रहा है। प्रदेश में 150 से ज्यादा फॉरेंसिक वैन भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से अपराधों की जांच में मदद मिलेगी और न्याय मिलने में होने वाली देरी कम करने में सहायता मिलेगी।
50 लाख करोड़ के प्रस्ताव, बिजली व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं की बड़ी संख्या है। प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बिजली वितरण में भेदभाव की शिकायतें थीं, जबकि अब सभी को बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पहले बीमारू राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अब प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और पिछले सात वर्षों से राज्य राजस्व अधिशेष की स्थिति में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश, तकनीक, कानून-व्यवस्था और रोजगार के जरिए उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।











