
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान कुछ ऐसा किया, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। गोरखनाथ मंदिर से निकल रही पारंपरिक शोभायात्रा के बीच जैसे ही एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया, सीएम योगी ने तुरंत काफिला रुकवा दिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली कराने का निर्देश दिया। इसके बाद मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस को आगे निकलने का रास्ता मिला। एंबुलेंस के गुजर जाने के बाद ही शोभायात्रा दोबारा आगे बढ़ी।
गोरखनाथ मंदिर के बाहर भारी भीड़ के बीच पहुंची एंबुलेंस
बताते चले कि, मंगलवार शाम गोरखपुर में विजयादशमी के मौके पर गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जा रही थी। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान एक एंबुलेंस वहां पहुंची, जिसमें एक मरीज को ले जाया जा रहा था। भीड़ की वजह से एंबुलेंस को रास्ता मिलने में परेशानी हो रही थी।

एंबुलेंस का सायरन सुनते ही सीएम योगी ने स्थिति को समझा और अपने सुरक्षाकर्मियों को तुरंत रास्ता खाली कराने के लिए कहा। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही सुरक्षाकर्मी सक्रिय हो गए। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और दूसरे लोगों ने भी सहयोग किया और एंबुलेंस के निकलने के लिए जगह बनाई। इसके बाद एंबुलेंस वहां से सुरक्षित निकल गई।
मरीज को प्राथमिकता, फिर आगे बढ़ी विजयादशमी शोभायात्रा
धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस को रास्ता देना आसान नहीं था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर शोभायात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया गया, ताकि मरीज को ले जा रहे वाहन को बिना रुकावट निकलने का मौका मिल सके। एंबुलेंस के गुजरने के बाद शोभायात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर आपात स्थिति में एंबुलेंस को रास्ता देने की अहमियत को सामने रखा। सड़क पर किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए समय पर रास्ता मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में भीड़ और बड़े आयोजनों के दौरान लोगों का सहयोग मरीज के लिए मददगार साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सीएम योगी का वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए शोभायात्रा रोकना संवेदनशीलता का उदाहरण है।

इस घटना से यह संदेश भी मिलता है कि आपात स्थिति में मरीज की मदद करना सबसे जरूरी है। चाहे सड़क पर धार्मिक जुलूस हो, कोई बड़ा आयोजन हो या वीआईपी काफिला, एंबुलेंस को रास्ता देना सभी की जिम्मेदारी है। गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान हुई यह घटना इसी बात को रेखांकित करती है कि मानवता और किसी की जान बचाने को हमेशा प्राथमिकता मिलनी चाहिए।











