UP News: रक्षाबंधन पर CM योगी ने बच्चियों से बंधवाई राखी, सुनाया नंगे पैर स्कूल जाने वाली बेटियों का किस्सा

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर निराश्रित बच्चियों से राखी बंधवाई। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नंगे पैर स्कूल जाती बच्चियों का पुराना किस्सा सुनाया। योगी ने बताया कि बेटियों की स्थिति देखकर उन्होंने उसी दिन दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 28, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर रक्षाबंधन का त्योहार बच्चियों के साथ मनाया। इस खास मौके पर निराश्रित और छोटी बच्चियों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें टीका लगाया। मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनके साथ सेल्फी लेते नजर आए। कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह के साथ बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।

रक्षाबंधन पर CM योगी ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर कही बड़ी बात

बताते चले कि, राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब बेटियां डर के कारण स्कूल जाने से भी हिचकती थीं। आज जब बेटियां बेखौफ होकर स्कूल जाती हैं तो उन्हें बेहद खुशी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी लंबे समय तक बेटियों को भेदभाव का सामना करना पड़ा।

बेटियों को यूनिफॉर्म और जूतों के लिए भी करना पड़ता था इंतजार

सीएम योगी ने अपने संबोधन में बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में कई बार बेटों को बेटियों की तुलना में प्राथमिकता दी जाती थी। सीमित संसाधनों के कारण परिवार बेटे के लिए यूनिफॉर्म, जूते और चप्पल का इंतजाम कर देते थे, लेकिन बेटियों के लिए यह संभव नहीं हो पाता था। ऐसी स्थिति में कई बच्चियां नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर होती थीं।

CM योगी ने सुनाया नंगे पैर स्कूल जाती बच्चियों से जुड़ा अनुभव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती दौर का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अक्टूबर-नवंबर के दौरान जब सर्दियां शुरू हो रही थीं, तब उन्होंने कुछ जिलों का दौरा किया था। इसी दौरान सुबह के समय उन्हें कुछ बच्चियां स्कूल जाती दिखाई दी। बच्चियों के कंधों पर छोटे और पुराने बैग थे।

सड़क पर बच्चियों को देखकर CM योगी ने रुकवाई थी गाड़ी

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बच्चियों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और उनसे पूछा कि वे कहां जा रही हैं। बच्चियों ने बताया कि वे स्कूल जा रही हैं। जब मुख्यमंत्री ने उनसे यूनिफॉर्म के बारे में पूछा तो बच्चियां चुप हो गईं। इसके बाद उनकी नजर बच्चियों के पैरों पर गई, जहां जूते-चप्पल नहीं थे और वे पथरीले रास्ते पर नंगे पैर चल रही थीं।

CM योगी हुए भावुक

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने एक बच्ची से पूछा कि क्या वह अपने परिवार की इकलौती संतान है। बच्ची ने बताया कि उसका एक भाई भी है, जो दूसरे स्कूल में पढ़ता है। जब मुख्यमंत्री ने उसके भाई की पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं के बारे में पूछा तो पता चला कि भाई के पास जूते और यूनिफॉर्म मौजूद थे, जबकि बच्ची खुद इन सुविधाओं से वंचित थी।

बेटियों के लिए उसी दिन लिया बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। इसके बाद वह लखनऊ लौटे और उसी दिन अधिकारियों को निर्देश दिए कि बेटियों को भी पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि इसके तहत छात्राओं को दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते-मोजे और सर्दियों के मौसम में स्वेटर उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।

रक्षाबंधन पर बेटियों के सम्मान और शिक्षा का संदेश

मुख्यमंत्री आवास पर हुए रक्षाबंधन कार्यक्रम में बच्चियों और मुख्यमंत्री के बीच स्नेह का माहौल देखने को मिला। वहीं अपने संबोधन के जरिए योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की शिक्षा, समान अवसर और सम्मान की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को भी वही सुविधाएं और अवसर मिलने चाहिए, जो बेटों को मिलते हैं।

CM योगी का संदेश

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साझा किया गया यह अनुभव सिर्फ एक पुरानी घटना का जिक्र नहीं था, बल्कि बेटियों की शिक्षा को लेकर बदलती सोच की तस्वीर भी सामने रखता है। नंगे पैर स्कूल जाने वाली बच्चियों से जुड़े अनुभव को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो।