UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से एक भारत-श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया है। रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के भविष्य की दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी और Gen-Z का उल्लेख करते हुए कहा कि यही युवा भारत के भविष्य के भाग्यविधाता बनने वाले हैं।
CM Yogi ने मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण पर जोर

इसी कड़ी में आगे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन में मौजूद लोगों से सवाल किया कि वे किस तरह का भारत देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण को लेकर हर नागरिक को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत ऐसा होना चाहिए जहां समाज में एकता, आपसी सहयोग और राष्ट्रीय भावना मजबूत हो। सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा भारत चाहता है जो बिखरा हुआ हो, अलग-अलग हिस्सों में बंटा हो या जातीय खेमों में विभाजित हो, तो यह देश के पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा नहीं कही जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता के साथ-साथ उसकी एकता से भी है।
युवाओं और Gen-Z की भूमिका पर सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि Gen-Z भारत का भाग्यविधाता बनने वाला है। उन्होंने युवाओं से देश के विकास, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के पास तकनीक, शिक्षा और नए विचारों की ताकत है। ऐसे में युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए।
जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे दौर रहे हैं, जब समाज को कमजोर करने और लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिशें हुईं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुलामी के कालखंड में भी समाज में एक ऐसा वर्ग मौजूद था जो लोगों को बांटने का प्रयास करता था, जबकि दूसरी ओर ऐसे लोग भी थे जो समाज को जोड़ने और एकता को मजबूत करने के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सामाजिक एकजुटता जरूरी है।
समाज को बांटने वाली ताकतों पर सीएम योगी का हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को बांटने वाले तत्व पहले भी स्वतंत्रता के संघर्ष के विरोध में खड़े रहे और समाज में विभाजन पैदा करने का काम करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कुछ तत्व जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर सामाजिक एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समाज को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के विभाजन से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और सामाजिक एकता को प्राथमिकता दें।
भारतमाता और पूर्वजों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें भारतमाता और अपने पूर्वजों के प्रति अपराध के समान हैं। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया, उनका उद्देश्य एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का निर्माण था. मुख्यमंत्री ने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से एक भारत-श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लखनऊ के शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री का यह संदेश खास तौर पर युवाओं और नई पीढ़ी की भूमिका पर केंद्रित रहा।










