
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली क्लब में आयोजित जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ अपनी बात शुरू की। अपने भाषण में सीएम योगी ने शिक्षा, शिक्षक भर्ती, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
शिक्षा व्यवस्था पर CM Yogi का जोर

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है। भारत की परंपरा में गुरु का स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने महर्षि व्यास का जिक्र करते हुए गुरु पूर्णिमा की परंपरा को भी याद किया। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज का भविष्य बनाने वाले लोग हैं। अच्छे शिक्षक ही राम और चंद्रगुप्त जैसे महान व्यक्तित्वों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
2017 के बाद पारदर्शी भर्ती का दावा
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी था, लेकिन समय के साथ शिक्षा सरकारों की प्राथमिकताओं से दूर होती गई। उनके मुताबिक, 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम शुरू हुआ। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की भर्ती बिना भेदभाव और पारदर्शी तरीके से की गई, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प अभियान’ और ‘अलंकार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इनके जरिए सरकारी स्कूलों की सुविधाओं में सुधार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नकल-विहीन परीक्षाओं और समय पर परिणाम जारी होने से यूपी की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव आया है। पहले बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने में छह महीने से ज्यादा समय लग जाता था, जबकि अब प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है।
कैशलेस इलाज और बीमा सुविधा का जिक्र
सीएम योगी ने शिक्षकों को कैशलेस इलाज और बीमा जैसी सुविधाएं देने की बात कही। उन्होंने बताया कि सीबीएसई से जुड़े शिक्षकों को भी सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश में विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
दंगों और माफिया पर योगी का सख्त संदेश
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि पहले त्योहारों के दौरान दंगे होते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सीएम ने चेतावनी दी कि प्रदेश में दंगा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

संभल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से माफिया में डर पैदा हुआ है। बरेली की पहचान पर बोलते हुए योगी ने कहा कि शहर को अब ‘नाथ नगरी’ के रूप में भी नई पहचान मिली है।
सपा सरकार पर भर्ती और माफिया को लेकर हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार में शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान से जुड़ा प्रसंग सुनाकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री पर भी कटाक्ष किया।
सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार में साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकल रहा है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अपने संबोधन के जरिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया और सपा के शासनकाल पर सवाल उठाए।











