पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘नशा लहर से होगा समाधान’

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है? पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में

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Published On :

जनवरी 7, 2026

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चंडीगढ़ 

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है?

पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मौजूद रहेंगे। पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी। आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का मकसद युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

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