सीएम भगवंत मान ने प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग के मिशन प्रगति का किया शुभारंभ

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार मिशन प्रगति के तहत मुफ्त शैक्षणिक और शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करके युवाओं को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। यहां जिला पुस्तकालय में छात्रों से बातचीत करते हुए, मान ने कहा कि यह पहल ग्रामीण और मेधावी छात्रों का समर्थन करने के लिए शुरू की गई है जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी), पुलिस और सशस्त्र बलों से संबंधित परीक्षाओं के लिए जिला पुस्तकालय में मुफ्त कोचिंग

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Published On :

जनवरी 12, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार मिशन प्रगति के तहत मुफ्त शैक्षणिक और शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करके युवाओं को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। यहां जिला पुस्तकालय में छात्रों से बातचीत करते हुए, मान ने कहा कि यह पहल ग्रामीण और मेधावी छात्रों का समर्थन करने के लिए शुरू की गई है जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी), पुलिस और सशस्त्र बलों से संबंधित परीक्षाओं के लिए जिला पुस्तकालय में मुफ्त कोचिंग शुरू हो गई है।

पहले बैच में 40 छात्रों का हुआ नामांकन

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बैच में 40 छात्रों का नामांकन हो चुका है। कक्षा शिक्षण के साथ-साथ, पंजाब पुलिस के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा छात्रों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि उनकी समग्र तैयारी सुनिश्चित हो सके। मान ने कहा कि पुस्तकालय सदस्य बनने पर छात्रों को पुस्तकों और अध्ययन सामग्री तक निःशुल्क पहुंच मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करके चलाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप न्यूनतम व्यय हो रहा है।

युवाओं को समान अवसर और मार्गदर्शन देने की पहल

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि मिशन प्रगति “युवाओं द्वारा युवाओं की मदद” के सिद्धांत पर काम करता है। इसमें मार्गदर्शक वे उम्मीदवार होंगे, जो पहले खुद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस अधिकारियों, खिलाड़ियों और छात्रों का समर्थन मिला है। यह पहल “कोई भी पीछे न छूटे” के विचार पर आधारित है और इसका उद्देश्य युवाओं को समान अवसर देना और सरकारी नौकरियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार का उद्देश्य शिक्षा सुधारों के जरिए युवाओं को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें नौकरी और विकास के अवसर प्रदान करना है।

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