Jantar Mantar Protest: अभिजीत दीपके की हिरासत पर सियासी बवाल, केजरीवाल के बयान से बढ़ी हलचल

Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को फ्लाइट से हिरासत में लिए जाने के बाद मामला गरमा गया है. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे आपातकाल से भी बदतर करार दिया है. उन्होंने बताया कि सीजेपी नेताओं को विमान के अंदर से हिरासत में लिया जाना सरकार के डर को दर्शाता है। अरविंद केजरीवाल का सोशल मीडिया पोस्ट बताते चले कि, अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए दावा किया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता को

Jantar Mantar Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को फ्लाइट से हिरासत में लिए जाने के बाद मामला गरमा गया है. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे आपातकाल से भी बदतर करार दिया है. उन्होंने बताया कि सीजेपी नेताओं को विमान के अंदर से हिरासत में लिया जाना सरकार के डर को दर्शाता है।

अरविंद केजरीवाल का सोशल मीडिया पोस्ट

अरविंद केजरीवाल का सोशल मीडिया पोस्ट

बताते चले कि, अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए दावा किया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई के आधिकारिक आधार को समझने के लिए दिल्ली पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी पर केरजवीराल ने साधा निशाना

अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोपों से घिरी हुई है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को दबाने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को फ्लाइट से हिरासत में लिए जाने की घटना को अपने आरोपों से जोड़ते हुए इसे सरकार की चिंता का संकेत बताया। उनके बयान में चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे। ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

CJP ने की मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

CJP ने की मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पार्टी की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। सीजेपी ने चुनावों में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे थे। प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले ने विरोध और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर पहुंची पुलिस

मिली जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरभ दास दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस की एक टीम विमान के अंदर पहुंची और तीनों नेताओं के साथ आए सीजेपी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पार्टी समर्थकों और विपक्षी नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। हालांकि, पुलिस ने किन कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की और हिरासत में लिए गए लोगों को कहां ले जाया गया, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है।

ध्रुव राठी समेत अन्य लोगों की हिरासत का भी दावा

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी से जुड़ी रत्नी पाठक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकले कई अन्य कार्यकर्ताओं को रोके जाने का दावा किया गया है।

ध्रुव राठी समेत अन्य लोगों की हिरासत का भी दावा

हालांकि, हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि और कुल संख्या की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में हिरासत में लिए गए लोगों की वास्तविक संख्या और पुलिस की कार्रवाई का दायरा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए।

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद

सीजेपी नेताओं की हिरासत के बाद दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। एक ओर पार्टी और उसके समर्थक चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के कानूनी आधार और परिस्थितियों की जानकारी सामने आना भी जरूरी है।

अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष, हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति और प्रदर्शन से संबंधित आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि हिरासत किन आधारों पर की गई और विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए।