CJP Protest: CJP नेताओं की तिहाड़ जेल में निगरानी, दूसरे कैदियों से मिलने पर भी रोक

जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद गिरफ्तार किए गए CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की 24 घंटे निगरानी हो रही है और सेल के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात है। जानिए गिरफ्तारी, न्यायिक हिरासत और प्रदर्शन से जुड़ा पूरा मामला।

CJP Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

CJP Protest: जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किए गए सीजेपी (CJP) नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की सेल के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है। जेल प्रशासन इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि वे दूसरे कैदियों से संपर्क न कर सकें। दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद दोनों शांति भंग करने और कानून तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

तिहाड़ जेल में CJP नेताओं को अलग-अलग रखने की व्यवस्था

तिहाड़ जेल में CJP नेताओं को अलग-अलग रखने की व्यवस्था

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में आशुतोष रांका को कैदी नंबर 1784 और सौरव दास को कैदी नंबर 3752 दिया गया है। शुरुआत में दोनों को जेल नंबर-2 में रखा गया था, लेकिन बाद में रांका को जेल नंबर-4 में शिफ्ट कर दिया गया। बताया गया है कि जिन ब्लॉकों में दोनों नेताओं को रखा गया है, वहां कैदियों की संख्या दूसरे ब्लॉकों के मुकाबले कम है। इस तरह दोनों को एक-दूसरे से अलग रखने के साथ उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

आत्महत्या की आशंका के चलते 24 घंटे निगरानी

रिपोर्ट में तिहाड़ जेल के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दोनों नेताओं की सेल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि वे खुद को नुकसान पहुंचाने या आत्महत्या की कोशिश न करें। इसके अलावा दूसरे वार्ड में बंद कैदियों को भी उनके पास जाने की अनुमति नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन की लीगल हेड रत्ना सिंह दोनों नेताओं से मिलने पहुंचे थे। सौरव दास को जेल नंबर-2 में रखा गया है। इसी जेल में उमर खालिद भी बंद हैं और पूर्व में अरविंद केजरीवाल भी यहां रह चुके हैं। वहीं, आशुतोष रांका को जेल नंबर-4 में रखा गया है। बताया जाता है कि इस हिस्से का इस्तेमाल पहले विपश्यना ध्यान के लिए किया जाता था। यहां हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा को भी रखा जा चुका है।

CJP प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। बाद में नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया। इन गिरफ्तारियों और हिरासत की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की। वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदर्शन को युवाओं का इस्तेमाल करके अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की कोशिश बताया।

कनॉट प्लेस से मंडी हाउस तक प्रदर्शन, लगे ‘जय हिंद’ के नारे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में मार्च निकाला और बीच-बीच में ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान भी गाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग जगहों पर पहुंचे और फिर दोबारा एकत्र हुए।

कनॉट प्लेस से मंडी हाउस तक प्रदर्शन, लगे ‘जय हिंद’ के नारे

दूसरी ओर, छात्रों और AISA व स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्यों ने मंडी हाउस में प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लिया जाए और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को रद्द किया जाए।

विपक्षी नेताओं ने भी मार्च में लिया हिस्सा

इस मार्च में सांसद जॉन ब्रिटास और संतोष कुमार समेत कई वामपंथी नेताओं ने डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस और उनके बीच मामूली झड़पें भी हुईं। मौके पर पत्रकारों के साथ स्वतंत्र यूट्यूब रिपोर्टर भी कवरेज कर रहे थे। इस दौरान कुछ स्वतंत्र पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और हूटिंग किए जाने की बात भी सामने आई।

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय एहतियातन हिरासत में लिया था। दीपके कनॉट प्लेस जा रहे थे, जबकि नेहा बोरा मंडी हाउस की ओर जा रही थीं। अब आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखे जाने का मामला चर्चा में है।