Abhijeet Deepke Bail : CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को जमानत, ₹50 हजार का निजी मुचलका जरूरी

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को जमानत मिलने की खबर सामने आई है। अदालत ने उनके लिए ₹50 हजार का निजी मुचलका जरूरी बताया है। इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। आखिर जमानत की शर्तें क्या हैं और इस मामले में आगे क्या होगा? जानिए पूरी खबर।

Abhijeet Deepke Bail

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

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Abhijeet Deepke Bail : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और ‘पीस बॉन्ड’ यानी शांति बनाए रखने से जुड़े बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा किया जाएगा। जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई की प्रक्रिया निर्धारित शर्तों के पालन पर निर्भर है। इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली में हाल के विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की निवारक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

₹50 हजार के निजी मुचलके और पीस बॉन्ड की शर्त

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके को रिहा किए जाने से पहले 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरना होगा। इसके साथ ही उन्हें पीस बॉन्ड पर भी हस्ताक्षर करने होंगे। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि अदालत ने उन्हें बिना शर्त रिहा करने का आदेश नहीं दिया है, बल्कि कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है।

हिरासत को लेकर CJP प्रतिनिधियों ने उठाए थे सवाल

इससे पहले CJP के प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि अभिजीत दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली स्थित उनके आवास से निवारक हिरासत में लिया गया था। प्रतिनिधियों के अनुसार, उन्हें इसके बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि हिरासत के तुरंत बाद दीपके को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ये आरोप CJP के प्रतिनिधियों की ओर से लगाए गए थे; इन्हें संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

नेहा बोरा को शनिवार सुबह किया गया रिहा

इस मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह ही रिहा कर दिया गया था। वहीं, अभिजीत दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने से संबंधित एक नया मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सशर्त जमानत मिली।

‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हुई थी कार्रवाई

अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इस मार्च को लेकर दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की स्थिति चर्चा में रही। CJP प्रतिनिधियों ने दीपके की हिरासत के दौरान वकीलों से संपर्क को लेकर भी सवाल उठाए थे। अब अदालत से जमानत मिलने के बाद दीपके की रिहाई की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित है। पुलिस के मुताबिक, निजी मुचलके और पीस बॉन्ड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा जाएगा।

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