CIA Report Iran: ईरान में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट ने अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। सीआईए के विश्लेषण के अनुसार, ईरान में हो रहे मौजूदा प्रदर्शनों में इतनी संगठित ऊर्जा या शक्ति नहीं है कि वे खामेनेई प्रशासन का तख्तापलट कर सकें। इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में भी नरमी देखी गई है, जो अब तक ईरान सरकार के खिलाफ काफी आक्रामक नजर आ रहे थे।
CIA की रिपोर्ट: प्रदर्शनों का प्रभाव सरकार के लिए सीमित
अमेरिकी आउटलेट ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया अधिकारियों ने जो विश्लेषण ट्रंप प्रशासन को सौंपा है, उसमें स्पष्ट किया गया है कि ईरान की सड़कों पर जारी विरोध प्रदर्शन वर्तमान में इतने शक्तिशाली नहीं हैं कि वे सत्ता की नींव हिला सकें। हालांकि, हालिया शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों में लोगों की भारी भीड़ और उनके तेवर ने सीआईए को फिर से अलर्ट मोड पर डाल दिया है। इसके बावजूद, खुफिया तंत्र का मानना है कि सुरक्षा बलों और शासन की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है, जिससे तत्काल किसी बड़े परिवर्तन की संभावना क्षीण है।
रेजा पहेलवी से मिलने पर ट्रंप की दोटूक: “अभी इंतजार करना होगा”
ईरान के अंतिम शाह के बेटे और निर्वासित युवराज रेजा पहेलवी वर्तमान में अमेरिका में रहकर खामेनेई सरकार के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। वे लगातार वीडियो संदेश जारी कर ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील कर रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब राष्ट्रपति ट्रंप से पहेलवी से मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि “रेजा पहेलवी एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन बतौर राष्ट्रपति मैं अभी उनसे मुलाकात नहीं कर सकता।” ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल किसी एक व्यक्ति या पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं करेगा। वे यह देखना चाहते हैं कि ईरान के भीतर से कौन सा नेतृत्व उभरता है और जनता का वास्तविक समर्थन किसके साथ है।
मौत के आंकड़ों पर ट्रंप का बदला हुआ नजरिया
ईरान में प्रदर्शनों के दौरान अब तक लगभग 30 लोगों की मौत की खबरें आई हैं। पहले ट्रंप प्रशासन ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरानी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन अब ट्रंप के बयानों में बदलाव आया है। उन्होंने अपने हालिया बयान में कहा कि इन मौतों में से कुछ भीड़ के अनियंत्रित हो जाने और भगदड़ की वजह से हुई हैं। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि हर मौत के लिए केवल सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बदला हुआ रुख सीआईए की उस रिपोर्ट का असर है जिसमें सरकार के बने रहने की बात कही गई है।
ईरान में सीआईए और मोसाद की सक्रियता पर विवाद
ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर शुरू हुए इन प्रदर्शनों पर न केवल अमेरिका की सीआईए बल्कि इजरायल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ भी पैनी नजर रख रही है। ईरान सरकार ने दावा किया है कि उन्होंने सीआईए और मोसाद से जुड़े 10 से अधिक एजेंटों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने इन विरोध प्रदर्शनों को ‘विदेशी साजिश’ करार दिया है। उनका कहना है कि ये प्रदर्शन अमेरिका और इजरायल के इशारे पर किए जा रहे हैं ताकि देश की छवि खराब की जा सके।
खामेनेई का दावा: “जनता मेरे साथ, मुट्ठी भर लोग कर रहे विरोध”
तमाम विरोधों के बीच अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अपना आत्मविश्वास जाहिर करते हुए कहा कि ईरान की 9 करोड़ की आबादी का बड़ा हिस्सा आज भी उनके और इस्लामी क्रांति के आदर्शों के साथ है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हाशिए पर धकेलते हुए कहा कि सड़कों पर उतरने वाले कुछ लोग केवल अमेरिका को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं और उनका ईरान के राष्ट्रीय हितों से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल, ईरान की स्थिति एक जटिल मोड़ पर है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक असंतोष के बीच सत्ता का संघर्ष जारी है।
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