West Bengal News: कोलकाता भगदड़ पर शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, जांच के लिए बनाई SIT

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। इस टीम की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। SIT को घटना की जांच पूरी करके तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और जरूरी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद घटना की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार का यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है। अब जांच में हादसे के पीछे

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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West Bengal News: पश्चिम बंगाल के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। इस टीम की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। SIT को घटना की जांच पूरी करके तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और जरूरी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद घटना की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सरकार का यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है। अब जांच में हादसे के पीछे की वजहों, सुरक्षा इंतजामों और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच का दिया था निर्देश

बताते चले कि, चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़ मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस वींद्र विठ्ठलराव घुगे ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल सरकार को एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को पत्र लिखकर मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश को नामित करने का अनुरोध किया था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के मुताबिक आयोग में किसी सेवारत न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं की जा सकती। राज्य सरकार को अपनी पसंद के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को आयोग की जिम्मेदारी सौंपनी थी।

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत

यह दर्दनाक हादसा 17 अक्टूबर की रात चोरबागान सर्वजनिन समुदाय दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में हुआ था। भगदड़ के दौरान अफरा-तफरी मच गई और कुल 19 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

अब जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और क्या आयोजन या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी। जांच के निष्कर्षों और सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकेगा।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मृतकों के कुछ परिजनों से मुलाकात की और उन्हें मुआवजे के चेक सौंपे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी कराने और रिपोर्ट सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

लापरवाही के दोषियों पर होगी कार्रवाई, मुआवजे का ऐलान

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि जांच में जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे पूजा समिति के आयोजक हों या पुलिसकर्मी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी पद पर नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

तीन महीने में आएगी जांच रिपोर्ट, जवाबदेही पर नजर

SIT को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपनी हैं। ऐसे में अब जांच के दौरान जुटाए जाने वाले सबूतों, सुरक्षा इंतजामों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर नजर रहेगी। पीड़ित परिवारों को उम्मीद है कि जांच से हादसे की वजह सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।