Chhagan Bhujbal Helicopter Landing: महाराष्ट्र सरकार के कद्दावर मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल एक बड़ी विमानन दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। मुंबई से पुणे की यात्रा के दौरान उनके हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में हुई एक गंभीर चूक ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस पूरे वाकये में किसी को भी चोट नहीं आई और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
पायलट की चूक से मची अफरातफरी
बताते चले कि, शनिवार को जब छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर पुणे पहुँचा, तो वहां एक बेहद डरावना दृश्य देखने को मिला। तयशुदा हेलीपैड पर लैंड करने के बजाय पायलट ने गलती से हेलीकॉप्टर को पास के कार पार्किंग क्षेत्र में उतार दिया। इस गलत लैंडिंग (Wrong Landing) के कारण वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। उस समय सबसे बड़ा खतरा यह था कि हेलीकॉप्टर के घूमते हुए रोटर ब्लेड्स वहां खड़ी गाड़ियों से टकरा सकते थे, जिससे कोई भी बड़ा विस्फोट या दुर्घटना हो सकती थी। सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की यह घटना अब चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच
मंत्री छगन भुजबल महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए पुणे आए थे। उनकी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान हुई इस अप्रत्याशित घटना (Unexpected Incident) को प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है। हालांकि भुजबल ने अभी तक इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उच्च स्तरीय सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह मानवीय भूल (Human Error) थी या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण जिम्मेदार था।
बाल-बाल बच गए NCP के वरिष्ठ नेता
यह घटना जितनी डरावनी थी, उतनी ही चौंकाने वाली भी। जब हेलीकॉप्टर पार्किंग में उतरा, तो वह कारों के बिल्कुल करीब था। यदि ब्लेड्स किसी भी वाहन के संपर्क में आते, तो परिणाम घातक हो सकते थे। पायलट की गंभीर लापरवाही के बावजूद हेलीकॉप्टर सुरक्षित जमीन पर तो आ गया, लेकिन इसने सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। फिलहाल संबंधित सुरक्षा एजेंसियां और विमानन विभाग पायलट से पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस तरह की दोबारा चूक न हो।
पुणे प्रशासन में हड़कंप
मंत्री के साथ हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा प्रबंधों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक कैबिनेट मंत्री की वीवीआईपी लैंडिंग के समय इस तरह की ‘नेविगेशन मिस्टेक’ कैसे हुई, यह चिंता का विषय है। पुणे पुलिस और नागरिक उड्डयन विभाग अब लैंडिंग स्पॉट की सुरक्षा और पायलट के पास उपलब्ध संचार प्रणाली की समीक्षा कर रहे हैं। मंत्री भुजबल फिलहाल सुरक्षित हैं और अपने निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा कर रहे हैं, लेकिन इस घटना की गूँज मंत्रालय तक सुनाई दे रही है।










