Char Dham Yatra: केदारनाथ में रील बनाना बैन, मंदिर परिसर में मोबाइल पर रोक

शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

Char Dham Yatra

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 18, 2026

Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने एक अहम और दूरदर्शी निर्णय लिया है। इस वर्ष बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि बीते वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद उत्पन्न हुए, जिससे धामों की मर्यादा प्रभावित हुई। इस फैसले से श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकेंगे।

सिगरेट-बीड़ी पैकेट पर दिखता है ये नंबर, 1 करोड़ लोग कर चुके हैं कॉल, जानिए क्विट-लाइन का क्या काम है

केदारनाथ धाम परिसर में भी पूरी तरह फोन बैन

Char Dham Yatra
केदारनाथ में रील बनाना बैन

गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। वहीं केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी श्रद्धालु मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। मोबाइल सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और संबंधित जिला प्रशासन की होगी, जो धामों से पहले उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर अहम बैठक

शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य, संचार और यातायात को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

आस्था और व्यवस्था के बीच संतुलन की कोशिश

प्रशासन का मानना है कि यह निर्णय केवल अनुशासन लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना भी है। आयुक्त पांडेय की इस पहल को संतुलित कदम माना जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था—दोनों का ध्यान रखा गया है।

फरवरी तक जिलों को जारी होगी धनराशि

चारधाम यात्रा की तैयारियों को गति देने के लिए आयुक्त ने जानकारी दी कि फरवरी माह तक सभी जिलों को आवश्यक धनराशि जारी कर दी जाएगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिनों के भीतर जरूरी कार्यों की सूची शासन को भेजें और एक सप्ताह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड में शुरू करें।

स्वास्थ्य, सड़क और संचार सेवाओं पर विशेष जोर

यात्रा मार्गों की तैयारियों को लेकर एनएच, एनएचआईडीसीएल, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को 31 मार्च तक सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीएसएनएल को धामों और यात्रा मार्गों पर बेहतर संचार सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

पंजीकरण व्यवस्था पहले जैसी ही रहेगी

श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जाम की समस्या से निपटने के लिए छोटी बसों की शटल सेवा और ब्रह्मपुरी चौकी के पास हाईवे चौड़ीकरण का भी निर्णय लिया गया है।

पिछले वर्षों में रिकॉर्ड यात्रियों की संख्या

जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में 56 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, जबकि पिछले सीजन में भी 50 लाख से अधिक यात्री धामों तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष प्रशासन की मजबूत तैयारियों से यात्रा और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और मर्यादित होगी।

Delhi AQI: जहरीली धुंध और कड़ाके की ठंड का डबल अटैक, राजधानी में GRAP-4 लागू