शिक्षा जगत में बदलाव: UGC गाइडलाइन पर उच्च शिक्षा विभाग का नया आदेश

भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन को लेकर उठे विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाए जाने के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विभाग ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय- अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों पालन करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो

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Published On :

फ़रवरी 3, 2026

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भोपाल 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन को लेकर उठे विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाए जाने के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

विभाग ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय- अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों पालन करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन यूजीसी 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे छात्रों की शिकायतें लंबित रहती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।

छात्रों को बताएं शिकायत कहां करना है

जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपनी वेबसाइट और प्रोस्पेक्टस में एसजीआरसी के सदस्यों के नाम, पदनाम, संपर्क विवरण और लोकपाल का नाम, पता, ई-मेल आईडी तथा कार्यकाल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को यह जानकारी हो कि शिकायत कहां और किस प्रक्रिया से दर्ज करनी है। हर संस्थान को छात्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करना होगा। शिकायत प्राह्रश्वत होने के 15 दिनों के भीतर उसे स्क्रिप्ट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
प्रवेश से 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस जारी करना होगा

प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पूर्व प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन प्रकाशन अनिवार्य किया गया है। प्रोस्पेक्टस में पाठ्यक्रमों का विवरण, सीटों की संख्या, योग्यता मानदंड, चयन प्रक्रिया, पूरी फीस संरचना, रिफंड नीति, जुर्माना, संकाय की योग्यता, बुनियादी ढांचा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और रैगिंग-रोधी नियमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर छात्र सीधे एसजीआरसी और लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे।

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