Chandra Grahan 2026: मंगलवार, 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण के सूतक काल को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं को सूचित कर दिया गया कि मंदिर बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने मुख्य द्वार पर बोर्ड लगाकर जानकारी दी कि सूतक काल के चलते दर्शन नहीं हो पाएंगे।
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सूतक काल और ग्रहण का समय

चंद्रग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ और रात साढ़े आठ बजे तक रहेगा। इस दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
पुजारियों की अपील
हनुमान सेतु मंदिर के पुजारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि सूतक काल में मंदिर परिसर में पूजा-पाठ नहीं किया जा सकता। गर्भगृह के कपाट ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खोले जाएंगे। मंदिर में मौजूद भक्तों से भी अनुरोध किया गया कि वे परिसर खाली कर दें और ग्रहण समाप्त होने के बाद ही दर्शन के लिए आएं।
यूपी के अन्य मंदिरों में भी बंद रहे कपाट
लखनऊ के अलावा प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी यही व्यवस्था रही। काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), अयोध्या का राम मंदिर, मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी सूतक काल के चलते कपाट बंद कर दिए गए। मंदिर प्रशासन ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर श्रद्धालुओं को सूचित कर दिया था ताकि उन्हें असुविधा न हो।
ग्रहण समाप्ति के बाद दर्शन
धार्मिक परंपरा के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की शुद्धि और सफाई की जाती है। गर्भगृह को पवित्र करने के बाद भगवान का जलाभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद ही भक्तों को दर्शन की अनुमति दी जाती है।










