चंडीगढ़ के विकास को मिलेगी रफ्तार, 10 मंजिला भवनों को मंजूरी की तैयारी

चंडीगढ़. शहर के भविष्य के विकास और शहर की पहचान से जुड़े अहम मुद्दों पर अगले सप्ताह बड़ा फैसला हो सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चंडीगढ़ मास्टर प्लान (सीएमपी) में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करेंगे। बैठक का मुख्य केंद्र शहर में हाईराइज (ऊंची) इमारतों को अनुमति देने का प्रस्ताव रहेगा। प्रशासन बढ़ती आबादी और सीमित भूमि संसाधनों को देखते हुए वर्टिकल डेवलपमेंट (ऊंचाई की ओर विस्तार) का पक्ष रखेगा। अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित संशोधनों का विस्तृत खाका गृह मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें भवनों की ऊंचाई, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर)

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Published On :

जून 20, 2026

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चंडीगढ़.

शहर के भविष्य के विकास और शहर की पहचान से जुड़े अहम मुद्दों पर अगले सप्ताह बड़ा फैसला हो सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चंडीगढ़ मास्टर प्लान (सीएमपी) में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करेंगे।

बैठक का मुख्य केंद्र शहर में हाईराइज (ऊंची) इमारतों को अनुमति देने का प्रस्ताव रहेगा। प्रशासन बढ़ती आबादी और सीमित भूमि संसाधनों को देखते हुए वर्टिकल डेवलपमेंट (ऊंचाई की ओर विस्तार) का पक्ष रखेगा। अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित संशोधनों का विस्तृत खाका गृह मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें भवनों की ऊंचाई, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) और मिश्रित भूमि उपयोग (एमएलयू) से जुड़े बदलाव शामिल हैं। प्रस्ताव के तहत फेज-3, परिधीय सेक्टरों और कुछ अन्य क्षेत्रों में एफएआर को मौजूदा 1.2 से बढ़ाकर 3.0 तक किया जा सकता है।

98 फीट हो सकती है ऊंचाई
इससे एक ही भूखंड पर लगभग तीन गुना अधिक निर्माण संभव हो जाएगा। भवनों की अधिकतम ऊंचाई 30 मीटर (करीब 98.5 फीट) तक रखने का प्रस्ताव है, जिससे आठ से दस मंजिला इमारतों का रास्ता खुलेगा। वहीं ग्राउंड कवरेज को भी बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किया जा सकता है। प्रशासन की योजना नए आवासीय क्षेत्रों में अधिक घनत्व वाले विकास की भी है। मलोया के निकट प्रस्तावित पॉकेट-7 में करीब 250 व्यक्ति प्रति एकड़ (पीपीए) की घनत्व के साथ हाईराइज आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं। अनुमान है कि इस क्षेत्र में लगभग 45 हजार लोगों को बसाया जा सकेगा। इसी तरह मनीमाजरा के पॉकेट-6 में स्टिल्ट प्लस पांच मंजिला भवनों की अनुमति देने का प्रस्ताव है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी नियमों में ढील प्रस्तावित है। इंडस्ट्रियल एरिया में एफएआर को 2.0 तक बढ़ाने, 60 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और दो कनाल तक के प्लॉटों पर 68 फीट 3 इंच तक ऊंचाई की अनुमति देने का प्रस्ताव है। बड़े प्लॉटों के लिए भी यही प्रावधान लागू होंगे। औद्योगिक संगठनों का मानना है कि इससे शहर में एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

एमएलयू क्षेत्र में भी होगा इजाफा
प्रशासन मिश्रित भूमि उपयोग (एमएलयू) क्षेत्र को भी बढ़ाने की तैयारी में है। वर्तमान में शहर में 252 एकड़ (0.89 प्रतिशत) एमएलयू क्षेत्र है, जिसे बढ़ाकर 428 एकड़ (1.5 प्रतिशत) किया जा सकता है। इसके तहत करीब 176 एकड़ नए मिश्रित उपयोग क्षेत्र जोड़े जाएंगे। इनमें पंजाब सीमा की ओर विकास मार्ग कॉरिडोर का 1.5 किलोमीटर विस्तार, सेक्टर-43 स्थित सब-सिटी सेंटर के आसपास करीब 78 एकड़ क्षेत्र और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में लगभग 60 एकड़ भूमि शामिल है। हालांकि प्रस्तावित बदलावों को लेकर विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने कहा है कि भवनों की ऊंचाई, ग्राउंड कवरेज और एफएआर में भारी वृद्धि शहर की मूल अवधारणा ‘सन, स्पेस एंड वर्ड्योर’ से समझौता है। उन्होंने भवन उपनियमों में स्टिल्ट फ्लोर से जुड़े अलग-अलग प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं।

ऊंची इमारतों से क्या हो सकती हैं समस्याएं?
पूर्व प्रशासनिक वास्तुविदों, शहरी योजनाकारों और विरासत संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची इमारतों से पानी, सीवरेज, ट्रैफिक और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ सकता है। उनका मानना है कि अनियंत्रित वर्टिकल विकास से शहर की विशिष्ट वास्तुकला और हरित स्वरूप को नुकसान पहुंच सकता है। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और नागरिक संगठनों ने भी संशोधन प्रक्रिया में पर्याप्त जनपरामर्श नहीं होने पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मौजूदा आधारभूत ढांचा बढ़ती आबादी और घनत्व का भार उठाने में सक्षम है या नहीं। चूंकि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए मास्टर प्लान में किसी भी बड़े बदलाव पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है। ऐसे में अमित शाह के साथ होने वाली यह बैठक तय करेगी कि प्रस्तावित संशोधन मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ेंगे या विभिन्न पक्षों की आपत्तियों को देखते हुए इनमें बदलाव किए जाएंगे।

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