Chamoli Tunnel Collapse: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों से एक बेहद डरावनी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। चमोली जिले के पीपलकोटी इलाके में एक निर्माणाधीन टनल (सुरंग) अचानक धंस गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय सुरंग के अंदर लगभग 20 से 25 मजदूर पूरी मेहनत के साथ अपने काम में जुटे हुए थे। यह टनल टीएचडीसी (THDC) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई है। टनल का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने के कारण अंदर काम कर रहे कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रशासन की नींद उड़ गई है।
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स्थानीय लोगों की मदद और प्रशासन द्वारा 13 मजदूर सुरक्षित बाहर
गुरुवार शाम करीब 7 बजे हुए इस भयानक हादसे की भनक लगते ही सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना समय गंवाए उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत के प्रयास शुरू कर दिए। इसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी भारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से अब तक लगभग 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
टनल के अंदर भरा मलबा और पानी
घटनास्थल से जो शुरुआती विवरण सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार टनल धंसने के साथ-साथ अंदर भारी मात्रा में मलबा और पानी भी भर गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में काफी रुकावटें आ रही हैं। हादसे की भीषणता और गंभीरता को देखते हुए स्थिति से निपटने के लिए सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) तथा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। इसके अलावा डीआईआरएफ, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान भी पूरी तत्परता के साथ रेस्क्यू अभियान को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया संज्ञान
इस दुखद और गंभीर हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गहरी चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी प्रशासनिक अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की पेशेवर टीमों को तुरंत घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया है। जिला प्रशासन और तमाम संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी तालमेल और तेजी के साथ काम करें ताकि अंदर फंसे बाकी सभी मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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