Chaitra Navratri 2026: कब से शुरू हो रही नवरात्रि? एक क्लिक में जानें तारीख और मुहूर्त

नवरात्रि पर्व मां दुर्गा को समर्पित है। भक्त पूरे नौ दिनों तक मां अंबे के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। इस पावन पर्व के पहले दिन भक्त मां दुर्गा की चौकी और कलश स्थापना करते हैं, जिससे शुभारंभ होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Chaitra Navratri 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 6, 2026

Chaitra Navratri 2026: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है। लेकिन चैत्र नवरात्रि को बेहद ही खास माना गया है, जो कि साल में दो बार पड़ती है। पंचांग के अनुसार चेत्र माह के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक मनाए जाने वाले नवरात्रि पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। नवरात्रि का व्रत पूरे नौ दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है ओर व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में पूजा पाठ और व्रत करने से देवी की असीम कृपा बरसती है और कष्टों का निवारण हो जाता है। ऐसे में हम आपको अपने इस लेख द्वारा चैत्र नवरात्रि की तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

हिंदू नववर्ष 2026: जानिए कब से शुरू होगा नववर्ष और किसे मिलेगा राजा और मंत्री का दर्जा?

नवरात्रि पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त

कब से शुरू हो रही नवरात्रि?

हिंदू पंचांग के अनुसार चेत्र नवरात्रि का महापर्व इस साल 19 मार्च दिन गुरुवार से आरंभ हो रहा है, जो कि 27 मार्च दिन शुक्रवार तक चलेगा। इन पावन दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की विधिवत पूजा करते हैं। नवरात्रि का पहला दिन यानी चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट से आरंभ हो रही है और 20 मार्च को समाप्त हो जाएगी।

आपको बता दें कि नवरात्रि पूजा के प्रथम दिन यानी 19 मार्च को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस तरह भक्तों को कलश स्थापना के लिए पूरे सवा तीन घंटे का समय मिलेगा। इसके अलावा प्रतिपदा के दिन ही सुबह 11 बजकर 47 से लेकर दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापना किया जा सकेगा।

नवरात्रि पूजा की सरल विधि

बता दें कि नवरात्रि के पहले दिन माता की चौकी स्थापित करने के घर के किसी पवित्र स्थान का चुनाव करें। इसके बाद स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। अब शुभ मुहूर्त में विधि विधान से कलश सथापना करें। फिर कलश के पास या उसके ऊपर देवी मां की प्रतिमा स्थापित करें। साथ ही अखंड ज्योत भी जलाएं, जो पूरे नवरात्रि जलती रहे। इसे आप अपनी इच्छा अनुसार जला सकते हैं। इसके बाद माता को चुनरी अर्पित कर, फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ माता का पंचोपचार पूजन करें। नौ दिनों तक देवी की विधिवत पूजा करें उनके मंत्रों का जाप करें। साथ ही दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती, देवी कवच का पाठ जरूर करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक सुबह शाम देवी की आरती करें और भोग चढ़ाएं। मान्यता है कि इस ​विधि से पूजा करने से देवी की असीम कृपा बरसती है और कष्टों का निवारण हो जाता है।

Aaj Ka Rashifal: शुक्रवार को चमकेगा इन राशियों का भाग्य! पढ़ें मेष से मीन तक का भविष्यफल

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।