Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का सातवां दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष 25 मार्च 2026, बुधवार को नवरात्रि की सप्तमी तिथि है, जो माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि को समर्पित है। इस विशेष दिन पर ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ का निर्माण हो रहा है, जो भक्तों के लिए मनोकामना पूर्ति के द्वार खोलता है।
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शक्ति, साहस और सुरक्षा की देवी

नवरात्रि की सप्तमी पर माँ कालरात्रि की आराधना की जाती है। माँ का यह स्वरूप अत्यंत भयावह दिखने के बावजूद अपने भक्तों के लिए ममतामयी और शुभ फल देने वाला है, इसीलिए इन्हें ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कालरात्रि की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और साधक को साहस, शक्ति व सुरक्षा की प्राप्ति होती है। शत्रुओं पर विजय और आकस्मिक संकटों से मुक्ति के लिए सप्तमी की पूजा अमोघ मानी गई है।
सर्वार्थ सिद्धि योग
सप्तमी तिथि पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को किसी भी नए कार्य की शुरुआत, निवेश, खरीदारी या धार्मिक अनुष्ठान के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06:20 से शुरू होकर अगले दिन सुबह 05:33 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
पंचांग और शुभ मुहूर्त
बुधवार को पूजा-अर्चना और मांगलिक कार्यों के लिए निम्नलिखित समय सारणी का पालन करना लाभकारी होगा:
सूर्योदय एवं सूर्यास्त: सूर्योदय सुबह 06:20 बजे और सूर्यास्त शाम 06:35 बजे होगा।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:45 से 05:33 तक (ईश्वर वंदना के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
अमृत काल: सुबह 09:19 से 10:48 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:19 तक (किसी भी जीत या संकल्प के लिए शुभ)।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:34 से 06:57 तक।
तिथि ज्ञान: सप्तमी तिथि दोपहर 01:50 बजे तक रहेगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन सप्तमी का मान मान्य होगा।
भद्रा और राहुकाल का रखें ध्यान
जहाँ एक ओर शुभ योग फलदायी हैं, वहीं शास्त्रों में कुछ समय को अशुभ भी माना गया है। इन अवधियों में किसी भी प्रकार का नया कार्य या बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए।
राहुकाल: दोपहर 12:27 से 01:59 तक।
भद्रा: दोपहर 01:50 से देर रात 12:47 तक (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं)।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:52 तक।
यमगंड एवं गुलिक काल: यमगंड सुबह 07:51 से 09:23 तक और गुलिक काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:27 तक रहेगा।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।









