Chaitra Navratri 2026: 25 या 26 मार्च? जानें महाअष्टमी की सही तारीख और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि को अध्यात्म और शक्ति साधना की दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, यह 'जया तिथि' है, जो हर कार्य में विजय सुनिश्चित करती है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 23, 2026

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है। लेकिन नवरात्रि को बेहद ही खास माना जाता है, जो कि साल में चार बार पड़ती है। जिसमें दो गुप्त और दो प्रकट नवरात्रि मनाई जाती है। अभी चैत्र का महीना चल रहा है और इस माह पड़ने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि के नाम से जाना जाता है जो कि मां दुर्गा की साधना आराधना को समर्पित है।

नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा की जाती है और व्रत आदि भी रखा जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से आरंभ हो चुकी है और इसका समापन 27 मार्च को हो जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों में अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व होता है। ऐसे में हम आपको चैत्र नवरात्रि की अष्टमी की तारीख और इससे जुड़ी अन्य बातें बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि

Chaitra Navratri 2026
25 या 26 मार्च? जानें महाअष्टमी की सही तारीख

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 25 मार्च दिन मंगलवार को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से आरंभ हो रही है, जो कि 26 मार्च दिन बुधवार को सुबह 11 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार अष्टमी का व्रत और पूजन 26 मार्च को किया जाएगा। इसी दिन भक्त मां महागौरी की विधिवत पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

अष्टमी पूजा का मुहूर्त

आपको बता दें कि अष्टमी के पावन दिन पूजा के कई शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। अष्टमी पर पहला मुहूर्त सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 2 बजकर 3 मिनट तक मुहूर्त है। पूजा का आखिरी मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 3 मिनट से लेकर 3 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इन मुहूर्त में पूजा पाठ करने से देवी की असीम कृपा बरसती है और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।

अष्टमी पर जरूर करें यह उपाय

Chaitra Navratri 2026
25 या 26 मार्च? जानें महाअष्टमी की सही तारीख

आपको बता दें कि अष्टमी के पावन दिन छोटी कन्याओं का पूजन करना शुभ होता है। इस दिन जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र और अन्य जरूरी चीजों का दान करें। इसके अलावा देवी मां को नारियल या नारियल से बनी मिठाई का भोग लगाना भी शुभ होता है। इस दिन गरीब बच्चों या कन्याओं को शिक्षा सामग्री का दान भी आप कर सकते हैं। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। अष्टमी के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और नकारात्मकता का भी नाश होता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।