CGPSC Recruitment Scam: CGPSC भर्ती घोटाले में बड़ा एक्शन, न्यायिक हिरासत में पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी

CGPSC भर्ती घोटाले में पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कस गया है। कथित पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच के बीच न्यायिक कार्रवाई ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब जांच में सामने आने वाले खुलासों पर सबकी नजर है।

CGPSC Recruitment Scam

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 1, 2026

CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के अध्यक्ष टामन सोनवानी से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। जांच एजेंसी अब इस मामले में कथित वित्तीय लेनदेन, मनी ट्रेल और अन्य आर्थिक पहलुओं की गहन जांच करने की तैयारी में है। इस कार्रवाई को भर्ती घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ED और CBI दोनों एजेंसियां कर रहीं समानांतर जांच

CGPSC भर्ती मामले की जांच फिलहाल दो केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) कथित धन शोधन और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है, जबकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चयन प्रक्रिया की जांच कर रहा है। इससे पहले CBI ने भी पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के साथ रायपुर के एक कारोबारी को गिरफ्तार किया था। दोनों एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही हैं।

भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों की जांच जारी

जांच एजेंसियों के अनुसार, CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एजेंसियों का दावा है कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े कुछ अभ्यर्थियों का चयन कथित रूप से नियमों की अनदेखी करते हुए कराया गया। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी दावे जांच एजेंसियों के आरोपों पर आधारित हैं। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के फैसले तथा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

सरकारी आवास से प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप

CBI की जांच में यह दावा किया गया है कि भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित रूप से पूर्व अध्यक्ष के सरकारी आवास से कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि प्रश्नपत्र उप परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से अन्य लोगों तक पहुंचाया गया था। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी पक्ष को दोषी नहीं माना जा सकता।

किन पदों की भर्ती जांच के दायरे में है?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जिन नियुक्तियों की जांच की जा रही है उनमें कई महत्वपूर्ण राजपत्रित पद शामिल हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, जिला आबकारी अधिकारी, श्रम अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदों की भर्ती शामिल है। एजेंसियों का आरोप है कि इन पदों पर चयन प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताएं हुईं। इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और चयन रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जा रही है।

रिश्तेदारों के चयन को लेकर भी उठे सवाल

CBI ने अपनी जांच में दावा किया है कि पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के कुछ रिश्तेदारों का भी विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ था। जांच एजेंसियां अब इन नियुक्तियों की प्रक्रिया और चयन के आधार की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि इन मामलों में भी अभी केवल जांच चल रही है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अदालत का अंतिम फैसला महत्वपूर्ण माना जाएगा।

अब मनी ट्रेल और संपत्तियों की होगी गहन जांच

पूर्व अध्यक्ष को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय अब कथित मनी ट्रेल, बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच तेज करेगा। दूसरी ओर CBI भर्ती प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड, चयन सूची, दस्तावेजों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ जारी रखे हुए है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध आर्थिक गतिविधि सामने आती है तो उसके अनुरूप कानूनी कार्रवाई करना है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

Read More : SpaceX Moon Collision: चांद से टकराएगा आवारा रॉकेट, जानें क्या होगा इसका असर