गैस संकट मामले में केंद्र का कोर्ट को जवाब, क्या मिली राहत?

नई दिल्ली एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को जवाब दिया है। सरकार ने इस जवाब में कहा है कि एलपीजी संकट से उबरने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित न होने पाए। सरकार के दूसरे वरिष्ठतम कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अनिल एस किलोर और राज डी वाकोड़े की बेंच को बताया कि बातचीत जारी है और सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन कदमों को उठाया

Wrriten By :

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Published On :

मार्च 17, 2026

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नई दिल्ली
एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को जवाब दिया है। सरकार ने इस जवाब में कहा है कि एलपीजी संकट से उबरने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित न होने पाए। सरकार के दूसरे वरिष्ठतम कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अनिल एस किलोर और राज डी वाकोड़े की बेंच को बताया कि बातचीत जारी है और सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन कदमों को उठाया जा रहा है, उन्हें जानबूझकर नहीं बताया जा रहा है। साथ ही सरकार पर भरोसा बनाए रखने की भी अपील की।

अपनी तरफ से पूरी कोशिश
इसलिए, उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वह एलपीजी डीलरों द्वारा दायर याचिका को बंद कर दे। डीलरों ने दावा किया था कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है। एसजी मेहता ने कहाकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। सरकार पर भरोसा करते हुए अदालत इसे बंद करने पर विचार कर सकती है। अदालत ने सरकार की प्रस्तुतियों पर विचार किया और याचिका को बंद कर दिया। यह याचिका एलपीजी डीलरों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि एलपीजी की गंभीर कमी है। डीलरों ने कहाकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आपूर्ति मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण प्रभावित हुई।

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सरकार को दी थी नोटिस
इससे पहले 12 मार्च को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया था। छह रसोई गैस वितरकों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड ने केन्द्र सरकार के घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देशों के बावजूद घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं बढ़ाई है। अधिवक्ता श्याम देवानी और साहिल देवानी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान से रसोई गैस उत्पादन पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे।

याचिका में क्या था
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी से निर्यात रोककर घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बार अनुरोध किए गए, लेकिन कंपनी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार कंपनी ने जवाब दिया कि वह अपनी निर्यात नीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति जारी रखने के लिए बाध्य है और घरेलू बाजार को प्राथमिकता नहीं दे सकती। जस्टिस अनिल एस किलोरे और न्यायमूर्ति राज डी वाकोड़े की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किए और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की थी।

 

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