Census 2027: जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, लिव-इन कपल से भी ली जाएगी जानकारी

Census 2027: जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां काफई तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना के दौरान लोगों से करीब 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जरिए उनकी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, भाषा और परिवार से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 16 नवंबर से स्वगणना शुरू होगी, जबकि एक दिसंबर से कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी दर्ज करेंगे। इसके लिए एमएमयूटी में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। शादी और वैवाहिक स्थिति पर भी पूछे जाएंगे सवाल बताते चले कि, जनगणना के दौरान लोगों की वैवाहिक स्थिति से

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 13, 2026

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Census 2027: जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां काफई तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना के दौरान लोगों से करीब 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जरिए उनकी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, भाषा और परिवार से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 16 नवंबर से स्वगणना शुरू होगी, जबकि एक दिसंबर से कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी दर्ज करेंगे। इसके लिए एमएमयूटी में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है।

शादी और वैवाहिक स्थिति पर भी पूछे जाएंगे सवाल

शादी और वैवाहिक स्थिति पर भी पूछे जाएंगे सवाल (ai)

बताते चले कि, जनगणना के दौरान लोगों की वैवाहिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। प्रशिक्षण से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रश्नावली में विवाह की स्थिति, शादी के समय उम्र और पति या पत्नी का नाम पूछा जाएगा। इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं के चार विवाह तक दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन सवालों और इनके विकल्पों की अंतिम आधिकारिक प्रश्नावली से पुष्टि करना जरूरी है।

लिव-इन में रहने वाले जोड़ों की जानकारी कैसे दर्ज होगी?

इस बार लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध प्रशिक्षण संबंधी जानकारी के अनुसार, अगर कोई जोड़ा साथ रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो उसे दंपती के रूप में दर्ज किया जा सकता है। बताया गया है कि इस जानकारी के लिए कानूनी प्रमाणपत्र या दूसरे दस्तावेज मांगने के बजाय जोड़े की ओर से दी गई जानकारी को आधार बनाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों की वास्तविक घरेलू स्थिति को दर्ज करना बताया जा रहा है।

महिलाओं से बच्चों और जाति की जानकारी भी ली जाएगी

जनगणना में महिलाओं से जुड़े सवाल भी अहम होंगे। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक साल में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। वहीं, विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से अब तक जन्मे जीवित बच्चों की कुल संख्या और वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या की जानकारी ली जाएगी।

इसके साथ ही इस बार सभी समुदायों की जाति से जुड़ी जानकारी भी जुटाने की बात कही गई है। इससे जनगणना में सामाजिक संरचना से संबंधित आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी।

Education, Employment और Digital Literacy पर भी होंगे सवाल

जनगणना के दौरान सिर्फ परिवार और वैवाहिक स्थिति की जानकारी ही नहीं ली जाएगी। लोगों से उनकी मातृभाषा, दूसरी भाषाओं की जानकारी, शिक्षा, सामान्य साक्षरता और डिजिटल साक्षरता के बारे में भी पूछा जाएगा। रोजगार से जुड़े सवालों में काम की प्रकृति और कार्यस्थल तक आने-जाने की जानकारी शामिल होगी।

Education, Employment और Digital Literacy पर भी होंगे सवाल (ai)

इसके अलावा बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड व मतदाता पहचानपत्र जैसे दस्तावेजों से संबंधित सवाल भी प्रश्नावली में शामिल होने की बात कही गई है। इन जानकारियों के जरिए देश की आबादी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।

बेघर लोगों की भी होगी गिनती

जनगणना के दूसरे चरण में लोगों की संख्या और उनसे जुड़ी दूसरी जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसमें बेघर लोगों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही जन्मस्थान, पहले कहां रहते थे और वहां से दूसरी जगह आने का कारण जैसे सवाल पूछे जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नागरिकता के बजाय घोषित राष्ट्रीयता दर्ज करने की व्यवस्था भी बताई गई है।

डीएम ने आंकड़ों की शुद्धता पर दिया जोर

जनगणना की तैयारियों के तहत कर्मचारियों और फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पहले चरण में 14 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा करने और इसके बाद प्रगणकों को प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई है।

डीएम दीपक मीणा के मुताबिक, कर्मचारियों को हर सवाल और उसे दर्ज करने की प्रक्रिया अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आंकड़ों की शुद्धता को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि जनगणना से मिलने वाली जानकारी के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार करने में मदद मिलती है। हालांकि, जनगणना की तारीखों और प्रश्नावली के सभी बिंदुओं की अंतिम पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।