CBSE Paper Scam: CBSE ने वेदांत केस में गलती मानी, छात्र को आखिरकार मिली उसकी असली आंसर शीट

वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई और सिस्टम की बेरुखी के बाद आखिरकार सीबीएसई ने स्वीकार किया कि वेदांत की आंसर शीट के मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही हुई थी। वह छात्र जिसे कम अंकों के कारण असफल माना जा रहा था, उसकी असली कॉपी ने बोर्ड के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। आखिर इस घोटाले के पीछे कौन था?

CBSE Paper Scam

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 26, 2026

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CBSE Paper Scam:  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आखिरकार आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है कि 12वीं कक्षा के छात्र वेदांत का दावा पूरी तरह से सही था। बोर्ड ने माना कि पुनर्मूल्यांकन (रिवैल्यूएशन) प्रक्रिया के दौरान वेदांत की फिजिक्स (भौतिकी) की उत्तर पुस्तिका वास्तव में किसी अन्य छात्र की कॉपी से बदल गई थी। सीबीएसई ने गहन जांच के बाद छात्र की सही आंसर शीट ढूंढी और अधिकारियों ने खुद छात्र के घर जाकर उसे सही प्रति सौंपी।

हालांकि, सच को सामने लाने का वेदांत का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाने के बाद उसे भीषण ट्रोलिंग, मानसिक प्रताड़ना और तरह-तरह के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने तो उसे ‘देशद्रोही’ तक कह दिया था। लेकिन खुद पर अटूट विश्वास होने के कारण वेदांत पीछे नहीं हटा। उसने इस अन्याय के खिलाफ डटकर जंग लड़ी और आखिरकार जीत हासिल की। 12वीं के इस छात्र की एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया और इस पर जमकर राजनीति भी हुई।

रिवैल्यूएशन प्रोसेस और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर खड़े हुए गंभीर सवाल

सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया (Revaluation Process) में लगातार आ रही गड़बड़ियों और तकनीकी खामियों के बीच कई छात्रों ने बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी की हैंडराइटिंग (लिखावट) उनकी मूल लिखावट से बिल्कुल भी मेल नहीं खा रही है। इस खुलासे के बाद सीबीएसई की आधुनिक ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर देश भर में चिंता पैदा हो गई है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली के रहने वाले वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक शिकायत भरा पोस्ट किया। इस पोस्ट में उसने साफ आरोप लगाया कि रिवैल्यूएशन के तहत सीबीएसई द्वारा मुहैया कराई गई फिजिक्स की आंसर शीट उसकी है ही नहीं। वेदांत के इस पोस्ट के वायरल होते ही देश के अन्य हिस्सों से भी कई छात्रों ने इसी तरह की शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दीं, जिससे बोर्ड पर दबाव काफी बढ़ गया।

भारी हंगामे के बीच सीबीएसई ने संभाला मोर्चा और छात्रों को दिया मदद का भरोसा

सोशल मीडिया पर मचे भारी बवाल और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सीबीएसई ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तुरंत कदम उठाए। बोर्ड ने प्रभावित छात्रों को व्यक्तिगत रूप से जवाब देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना शुरू कर दिया है। सीबीएसई के एक उच्च स्तरीय सूत्र ने बताया कि बोर्ड ने छात्रों की लिखावट न मिलने की शिकायतों को टॉप प्रायॉरिटी (सर्वोच्च प्राथमिकता) पर लिया है।

आयोग ने देर शाम बयान जारी कर बताया कि वेदांत को उसकी सही आंसर शीट की एक प्रति डिजिटल और फिजिकल माध्यम से भेज दी गई है और उसके परीक्षा परिणाम को अपडेट करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, चाहे ऑनलाइन माध्यम हो या ऑफलाइन, जो भी शिकायतें आ रही हैं, उन पर बोर्ड सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार छात्रों और अभिभावकों के संपर्क में हैं ताकि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान न हो।

वेदांत के वायरल पोस्ट को मिले 25 लाख व्यूज और सीबीएसई का आधिकारिक जवाब

एक्स पर किए गए वेदांत के इस खुलासे वाले पोस्ट को देखते ही देखते 25 लाख से अधिक व्यूज मिल गए, जिसके बाद सीबीएसई को सार्वजनिक रूप से सामने आना पड़ा। सीबीएसई ने ‘एक्स’ पर वेदांत को टैग करते हुए लिखा, “आपकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका से जुड़ी गंभीर चिंता को हमारे संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद। आंतरिक समीक्षा के बाद मामले की पूरी जांच कर ली गई है और आपकी सही आंसर शीट आपके पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दी गई है। साथ ही, आवश्यकतानुसार आपके कुल अंकों और परिणाम में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।”

इसके जवाब में वेदांत ने भी पुष्टि की कि सीबीएसई अधिकारियों ने शाम को उनसे संपर्क कर उनकी असली उत्तर पुस्तिका सौंप दी है। हालांकि, वेदांत ने साफ किया कि वह इस सही उत्तर पुस्तिका की बारीकी से समीक्षा करने के बाद भी पुनर्मूल्यांकन के लिए दोबारा आवेदन करेंगे, क्योंकि उनका आरोप है कि सही उत्तर लिखे होने के बावजूद उनके अंक काटे गए हैं।

आवाज उठाने पर ट्रोल हुए छात्र के समर्थन में आए देश के बड़े नेता

वेदांत ने सीबीएसई से पुरजोर आग्रह किया है कि वह उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली के इस गंभीर मुद्दे की और अधिक स्पष्टता तथा गहराई से जांच करे, ताकि उन अन्य छात्रों को भी न्याय मिल सके जो बिना किसी गलती के इस समस्या से जूझ रहे हैं। शुरुआत में जब छात्र ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी, तो कई इंटरनेट यूजर्स ने उसके नए सोशल मीडिया हैंडल पर सवाल उठाते हुए उसे ‘पाकिस्तानी’ और ‘राष्ट्र-विरोधी’ जैसी भद्दी गालियां दी थीं।

लेकिन जब मामला बढ़ा, तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित देश के कई बड़े नेता और एक्टिविस्ट छात्र के बचाव में खुलकर सामने आए। वेदांत ने शुरू में लिखा था कि बोर्ड परीक्षा में उम्मीद से बेहद कम अंक मिलने के बाद जब उन्होंने नियम के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी मांगी, तो वह पूरी तरह निराश हो गए क्योंकि सीबीएसई द्वारा अपलोड की गई कॉपी उनकी थी ही नहीं। अंततः, छात्र की इस हिम्मत ने बोर्ड को अपनी गलती सुधारने पर मजबूर कर दिया।

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