CBSE Exam Postponed: सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सोमवार, 2 मार्च 2026 को होने वाली क्लास 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को वेस्ट एशिया के कुछ देशों में मौजूदा हालात को देखते हुए पोस्टपोन कर दिया है। इसमें बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई (UAE) शामिल हैं।
पोस्टपोनमेंट की वजह और नई तारीखें
बोर्ड की तरफ से जारी सर्कुलर में बताया गया कि इस इलाके में हालात अस्थिर होने के कारण परीक्षा स्थगित की जा रही है। नई तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। स्टूडेंट्स को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और बोर्ड की ऑफिशियल घोषणाओं को फॉलो करें। बोर्ड 3 मार्च को स्थिति का रिव्यू करेगा और 5 मार्च से होने वाली परीक्षाओं के लिए अंतिम निर्णय लेगा।
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का प्रभाव

हालात खराब होने का प्रमुख कारण ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। अमेरिकी और इज़राइली स्ट्राइक में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई सीनियर मिलिट्री अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने US बेस, इज़राइल और वेस्ट एशिया के अन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
ईरान में राष्ट्रीय शोक
अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान झंडे आधे झुके रहेंगे और श्रद्धांजलि देने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश भर में विरोध प्रदर्शन और शोक का माहौल बना हुआ है।
भविष्य के नेता और सुरक्षा बढ़ाई गई
सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान के भविष्य के नेतृत्व को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। संभावित वारिस चुनने की प्रक्रिया पर देश की नजरें टिकी हैं। इसके साथ ही देश में पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए बड़े शहरों, खासकर तेहरान में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
Supreme Leader Khamenei Dead : ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत
स्टूडेंट्स के लिए सलाह
CBSE ने स्पष्ट किया कि स्टूडेंट्स और स्कूलों को लगातार अपडेट्स के लिए तैयार रहना चाहिए। बोर्ड ने कहा कि मौजूदा स्थिति के चलते परीक्षाओं को स्थगित करना छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है। नई तारीखों के लिए बोर्ड की आगे की घोषणाओं पर ध्यान देना जरूरी है। इस पोस्टपोनमेंट से लगभग सभी वेस्ट एशिया देशों में CBSE के स्टूडेंट्स प्रभावित हुए हैं। बोर्ड की यह कार्रवाई छात्रों की सुरक्षा और तनावपूर्ण माहौल में उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए की गई है।










