सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026: त्रिवेंद्रम टॉप, गुवाहाटी सबसे नीचे

नई दिल्ली इंतजार की घड़ियां आखिरकार खत्म हो गई हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस बार कमाल की फुर्ती दिखाते हुए 15 अप्रैल 2026 को 10वीं क्लास के नतीजे घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट जारी करने के बाद बोर्ड की तरफ से एक रिलीज भी जारी की गई है जिसमें अलग-अलग रीजन में पासिंग प्रतिशत का भी ब्योरा दिया है। जारी किए गए डेटा के मुताबिक, दक्षिण भारत के छात्रों ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों को अभी भी अपनी पढ़ाई के स्तर पर काफी पसीना बहाने की जरूरत नजर आ रही

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Published On :

अप्रैल 15, 2026

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नई दिल्ली

इंतजार की घड़ियां आखिरकार खत्म हो गई हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस बार कमाल की फुर्ती दिखाते हुए 15 अप्रैल 2026 को 10वीं क्लास के नतीजे घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट जारी करने के बाद बोर्ड की तरफ से एक रिलीज भी जारी की गई है जिसमें अलग-अलग रीजन में पासिंग प्रतिशत का भी ब्योरा दिया है। जारी किए गए डेटा के मुताबिक, दक्षिण भारत के छात्रों ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों को अभी भी अपनी पढ़ाई के स्तर पर काफी पसीना बहाने की जरूरत नजर आ रही है। त्रिवेंद्रम ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए पूरे देश में पहला मुकाम हासिल किया है, वहीं पूर्वोत्तर के अहम शहर गुवाहाटी को इस बार मायूसी का सामना करना पड़ा है और वह लिस्ट में सबसे नीचे है।

सीबीएसई 10वीं के नतीजों में दक्षिण भारत का दबदबा
अगर हम बोर्ड के ताजा आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं, तो साफ पता चलता है कि पढ़ाई-लिखाई के मामले में दक्षिण भारत के स्कूल लगातार शानदार काम कर रहे हैं। इस साल त्रिवेंद्रम रीजन ने 99.79 फीसदी का जबरदस्त पास प्रतिशत हासिल किया है। हैरानी की बात यह है कि विजयवाड़ा रीजन भी बिल्कुल 99.79 फीसदी के साथ त्रिवेंद्रम के कंधे से कंधा मिलाकर पहले नंबर पर काबिज है। इनके ठीक पीछे चेन्नई का नंबर आता है, जहां 99.58 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा पास की है। इसके बाद 98.91 फीसदी के साथ बेंगलुरु चौथे पायदान पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

गुवाहाटी सबसे निचले पायदान पर सफर
वहीं गुवाहाटी रीजन के लिए ये नतीजे थोड़े फिक्र पैदा करने वाले हैं। अलग-अलग रीजन की इस लंबी लिस्ट में गुवाहाटी सबसे आखिरी यानी 22वें नंबर पर रहा है। यहां का पास प्रतिशत 85.32 फीसदी दर्ज किया गया है। हालांकि 85 फीसदी बच्चे पास हुए हैं, जो अपने आप में एक ठीक-ठाक आंकड़ा है, लेकिन बाकी देश के तगड़े कंपटीशन के मुकाबले यह इलाका काफी पीछे छूट गया है। सिर्फ गुवाहाटी ही नहीं, बल्कि रांची 86.18% और राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा 87.66% के साथ लिस्ट में आखिरी कतार में हैं।

राजधानी दिल्ली का क्या हाल
देश की राजधानी दिल्ली के छात्रों ने भी इस साल काफी अच्छा मुजाहिरा किया है। अगर दिल्ली को दो हिस्सों में बांट कर देखें, तो दिल्ली वेस्ट का पास प्रतिशत 97.45% रहा है। वहीं दिल्ली ईस्ट के 97.33% बच्चों ने 10वीं की परीक्षा पास कर ली है। कुल मिलाकर पूरे दिल्ली रीजन की बात करें तो ओवरऑल पास प्रतिशत 97.38 फीसदी दर्ज किया गया है।

पिछले साल से थोड़ी बढ़ी पासिंग परसेंटेज
सीबीएसई की तरफ से जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस साल 10वीं की मुख्य परीक्षा के लिए पूरे देश से 24,71,777 बच्चों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 23,16,008 बच्चों ने कामयाबी हासिल की है। इस तरह इस साल का कुल पास प्रतिशत 93.70% रहा है। अगर इसकी तुलना पिछले साल (2025) से की जाए, तो तब 93.66 फीसदी बच्चे पास हुए थे। यानी इस साल पास होने वाले बच्चों की तादाद में 0.04 फीसदी का मामूली सा, लेकिन अहम इजाफा हुआ है।

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