अवैध निर्माण मामले में विजिलैंस के रडार पर नामचीन इलाकों की बिल्डिंगें

जालंधर. नगर निगम का बिल्डिंग विभाग एक बार फिर विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है क्योंकि विजिलैंस ने शहर की कई अवैध बिल्डिंगों विरुद्ध जांच तेज कर दी है। गौरतलब है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा पिछले कई महीनों से अवैध और नियमों के विरुद्ध बनी कमर्शियल इमारतों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा संबंधित बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ इमारतों को सील भी किया गया था। हालांकि, निगम की कार्रवाई यहीं तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि जिन इमारतों

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Published On :

जनवरी 19, 2026

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जालंधर.

नगर निगम का बिल्डिंग विभाग एक बार फिर विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है क्योंकि विजिलैंस ने शहर की कई अवैध बिल्डिंगों विरुद्ध जांच तेज कर दी है। गौरतलब है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा पिछले कई महीनों से अवैध और नियमों के विरुद्ध बनी कमर्शियल इमारतों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं।

इन शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा संबंधित बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ इमारतों को सील भी किया गया था। हालांकि, निगम की कार्रवाई यहीं तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि जिन इमारतों को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया था, आज वे सभी सीलें खुल चुकी हैं और उनमें धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके चलते निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा ने अपनी शिकायतों में आरोप लगाया कि संबंधित निगम अधिकारियों और सेवादारों की मिलीभगत के चलते इन मामलों में आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार विजिलैंस ब्यूरो ने अब इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब किया है। बताया जा रहा है कि जिन इमारतों को लेकर शिकायतें की गई हैं, वे सभी अभी भी जांच के दायरे में हैं।

विजीलैंस में जिन बिल्डिंगों की जांच चल रही है उनमें पटेल चौक के निकट ढाबे, टैगोर अस्पताल के पास चांप के साथ वाली इमारत, आहूजा चना भटूरा वाली गली में स्थित कमर्शियल बिल्डिंग्स, मेहरा ट्रांसपोर्ट के पास, सतनाम कार वाश के निकट, गुलाबदेवी रोड ईदगाह के पास तथा भगवानदास पुरा में बनी दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग शामिल हैं। अब सभी की निगाहें विजीलैंस ब्यूरो की जांच पर टिकी हैं कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है?
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जेपी नगर व आदर्श नगर बनते जा रहे कमर्शियल हब
जालंधर इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट द्वारा कई वर्ष पूर्व जे.पी. नगर और आदर्श नगर को रिहायशी कॉलोनियों के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह पूरा क्षेत्र तेजी से कमर्शियल हब में तब्दील होता जा रहा है। जे.पी. नगर और आदर्श नगर की मेन रोड पर स्थित अधिकांश कोठियों को तोड़कर अब वहां कमर्शियल बिल्डिंग्स खड़ी की जा चुकी हैं और धड़ल्ले से दुकानें व कमर्शियल प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से इस अवैध निर्माण पर नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। रिहायशी क्षेत्र को नियमों के विपरीत कमर्शियल उपयोग में बदला जा रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है, बल्कि कॉलोनी की मूल योजना भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। अब इस मामले को लेकर आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रवि छाबड़ा ने नगर निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श नगर गुरुद्वारा के निकट आज भी अवैध रूप से कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन निगम अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले एडवोकेट बृजेश चोपड़ा भी जे.पी. नगर की मेन रोड को कमर्शियल किए जाने के विरोध में नगर निगम को लीगल नोटिस भेज चुके हैं। इसके बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका गया और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निगम ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा क्षेत्र अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों की चपेट में आ जाएगा। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।

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