Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना लगातार नौवां बजट पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। परंपरा का निर्वहन करते हुए, वे संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन पहुंचीं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की।
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राष्ट्रपति से मुलाकात और पारंपरिक औपचारिकताओं का निर्वहन
बताते चले कि, बजट पेश करने की आधिकारिक प्रक्रिया की शुरुआत वित्त मंत्री के राष्ट्रपति भवन आगमन के साथ हुई। मैरून रंग की साड़ी में आत्मविश्वास से लबरेज सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर बजट प्रस्तावों की औपचारिक स्वीकृति ली। इससे पहले सुबह उन्होंने वित्त मंत्रालय में अधिकारियों के साथ अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। इस बार भी उनके हाथ में वही परिचित ‘लाल कवर’ वाला टैबलेट देखा गया, जो भारत के पेपरलेस और डिजिटल बजट की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुका है।
सीतारमण का लगातार नौवां बजट भाषण
आपको बता दे कि, आज का दिन भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर उन दिग्गज वित्त मंत्रियों की श्रेणी में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने सर्वाधिक बार देश की आर्थिक रूपरेखा तैयार की है। उनकी यह निरंतरता सरकार की आर्थिक नीतियों में स्थिरता और दीर्घकालिक विजन को दर्शाती है। राजनीतिक गलियारों में इस उपलब्धि को उनके अनुभव और प्रधानमंत्री के उन पर अटूट विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
आम जनता की आकांक्षाएं और संभावित कल्याणकारी घोषणाएं
देश के हर वर्ग की निगाहें आज वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं। मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में राहत, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़ी योजनाएं और छात्रों के लिए उच्च शिक्षा ऋण में रियायतें मिलने की प्रबल संभावना है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को गति देने के लिए किसी बड़े पैकेज का ऐलान कर सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ राज्यों के लिए विशेष बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा भी अपेक्षित है।
आर्थिक सर्वेक्षण के संकेत और विकास दर का अनुमान
चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच, हाल ही में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश की है। हालांकि महंगाई और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं एक चिंता का विषय हैं, लेकिन सरकार को भरोसा है कि भारत 6.8% से 7.2% की विकास दर (GDP Growth) बरकरार रखेगा। बजट में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के अगले चरण पर जोर दिए जाने की उम्मीद है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊर्जा मिल सके।
संसद में बजट सत्र का आगाज
बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। अब सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होगी, वित्त मंत्री अपना भाषण शुरू करेंगी। उद्योग जगत से लेकर आम आदमी तक, हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में कितनी बड़ी भूमिका निभाएगा।










