Sports Budget 2026: भारत बनेगा स्पोर्ट्स गुड्स का ग्लोबल हब, खेलो इंडिया मिशन के लिए वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को स्पोर्ट्स गुड्स का 'ग्लोबल हब' बनाने का ऐलान किया है। 'खेलो इंडिया मिशन' के तहत अब गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को सस्ते खेल उपकरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी। स्पोर्ट्स साइंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और कोचों के विकास पर जोर देकर सरकार ने खेल क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खोल दिए हैं।

Sports Budget 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Sports Budget 2026: केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में देश के खेल परिदृश्य (Sports Landscape) को पूरी तरह बदलने का रोडमैप पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भारत को खेल सामग्री निर्माण (Sports Goods Manufacturing) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने और युवा एथलीटों को हर संभव तकनीक मुहैया कराने पर जोर दिया।

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ग्लोबल स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग हब

बताते चले कि, वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि भारत में खेल सामग्री के क्षेत्र में वैश्विक हब (Global Hub) बनने की अपार क्षमता है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी ‘स्पोर्ट्स गुड्स’ को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की है। वर्तमान में महंगे स्पोर्ट्स किट गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए खेलों में करियर बनाने में सबसे बड़ी बाधा हैं। भारत में ही निर्माण शुरू होने से:

  • खेल उपकरणों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
  • सब्सिडी और टैक्स छूट के जरिए ये सामान और भी सस्ते होंगे।
  • आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

खेलो इंडिया मिशन के तहत ट्रेनिंग सेंटर्स और कोचों का होगा व्यवस्थित विकास

सरकार ने खेलो इंडिया मिशन के अगले चरण का विस्तार करते हुए एथलीटों के लिए एक ‘एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग’ (Integrated Talent Development Pathway) बनाने का प्रस्ताव रखा है। अब देश के ट्रेनिंग सेंटर्स केवल अभ्यास के स्थान नहीं होंगे, बल्कि कोच और सपोर्ट स्टाफ के व्यवस्थित विकास के केंद्र भी बनेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि जमीनी स्तर से ही खिलाड़ियों को वैज्ञानिक पद्धति से कोचिंग मिले, ताकि वे वैश्विक मंच पर पदक जीत सकें।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-ड्रिवेन ट्रेनिंग पर जोर

आधुनिक दौर के खेलों में तकनीक की भूमिका को समझते हुए वित्त मंत्री ने स्पोर्ट्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Sports Science & Technology) के एकीकरण का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की परफॉरमेंस को डेटा के आधार पर बेहतर बनाना है। इसके साथ ही:

  • देशभर में नए अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा।
  • खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई कॉम्पिटीशन और पेशेवर लीग्स का आयोजन किया जाएगा।
  • खिलाड़ियों के लिए चोट प्रबंधन (Injury Management) और रिकवरी के वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएंगे।

स्पोर्ट्स सेक्टर में रोजगार और स्किलिंग

वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि खेल क्षेत्र केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार (Employment) और स्किलिंग का भी एक बड़ा जरिया है। उन्होंने कहा कि “खेलो इंडिया मिशन” के माध्यम से अगले एक दशक में खेल क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का लक्ष्य है। इससे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, कोचिंग, फिजियोथेरेपी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में लाखों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

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