Budget 2026 Income Tax : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में प्रत्यक्ष कर प्रणाली (Direct Tax) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने एक बिल्कुल नया ‘आयकर अधिनियम’ पेश करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य कर नियमों को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाना है। इस नए अधिनियम के तहत इनकम टैक्स का नया फॉर्म 1 अप्रैल 2026 से देशभर में प्रभावी हो जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि पुराने और जटिल कानूनों को हटाकर अब एक ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है जिससे करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने में किसी भी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े। यह बदलाव मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘ईज ऑफ टैक्स’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
ITR फाइलिंग की नई समयसीमा और रिवाइज्ड रिटर्न में राहत
विदेश यात्रा पर अब सिर्फ दो फीसदी टीसीएस लगेगा.
विदेशी संपत्ति 6 महीने में घोषित कर सकेंगे.
शिक्षा स्वास्थ्य पर टीसीएस 5 फीसदी से घटकर 3 फीसदी
इनकम छिपाने पर सजा नहीं, 30 फीसदी टैक्स लगेगा
विदेश में पढ़ाई पर टैक्स 5 से घटकर 2%
NRI द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर TDS निवासी खरीदार द्वारा काटा जाएगा, जबकि पहले TAN की ज़रूरत होती थी.
आम आदमी के लिए टैक्स में क्या है
1-नया इनकम टैक्स ऐक्ट 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा.
1-जुलाई 2024 में लाए गए आयकर अधिनियम की समीक्षा पूरी हुई. नियमावली जल्द आएगी. फॉर्म आसान होगा.
2-विदेश यात्रा पर TCS घटकर 2 पर्सेंट हो जाएगा.
3-टैक्स रिटर्न के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा. 31 मार्च तक
5-स्वास्थ्य शिक्षा पर TCS घटकर 5 पर्सेंट से घटकर 2 पर्सेंट
6-NRI को संपत्ति बेचने-खरीदने पर TDS देना होगा
7-NRI को संपत्ति बेचने के लिए TAN नहीं देना होगा
विदेश यात्रा करना अब सस्ता होगा, पहले कितना, अब कितना
डॉक्टरी की पढ़ाई अब सस्ती होगी. अभी एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पढ़ाई 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है. सड़क हादसे में घायलों पर सरकार का बड़ा मरहमः मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे को आयकर से छूट देने का प्रस्ताव किया
आय छिपाने पर दंडात्मक कार्रवाई में बदलाव: जेल नहीं, अब लगेगा टैक्स
कर अनुपालन (Tax Compliance) को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्री ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। अब आय छिपाने के मामलों में कठोर आपराधिक सजा के बजाय वित्तीय दंड पर जोर दिया जाएगा। यदि कोई करदाता अपनी आय छिपाता पकड़ा जाता है, तो उसे जेल भेजने के बजाय छिपाई गई राशि पर 30 फीसदी का फ्लैट टैक्स देना होगा। सरकार का मानना है कि इस ‘लिबरल अप्रोच’ से मुकदमों की संख्या में कमी आएगी और कर राजस्व में वृद्धि होगी।
करदाताओं के लिए एक नई सुबह
कुल मिलाकर, बजट 2026 का फोकस करदाताओं के भरोसे को जीतना और कर चोरी की सजा को तर्कसंगत बनाना है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया कानून भारत के टैक्स इकोसिस्टम को पूरी तरह बदल देगा। कम टीसीएस दरें, सरल आईटीआर फॉर्म और विवादों का त्वरित निपटारा इस बजट की सबसे बड़ी खूबियाँ हैं।










