Budget 2026: रोटी-कपड़ा-मकान से लेकर हेल्थ इंश्योरेंस तक, बजट में क्या होगा सस्ता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में 2026-27 का बजट पेश करेंगी, जिसमें मिडिल क्लास के लिए राहत और नई आर्थिक दिशा तय करने की उम्मीद है।

Budget 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 का इंतजार पूरे देश को है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में संसद में अपना बजट पेश करेंगी। हर साल की तरह इस बार भी आम जनता, खासकर मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की नजर इस बात पर है कि बजट में कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच लोग अपने घरेलू खर्च को संतुलित करने के लिए बजट घोषणाओं पर निर्भर रहते हैं।

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मेक इन इंडिया और घरेलू मांग पर फोकस

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बजट में क्या होगा सस्ता

सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह इस बार बजट में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और मजबूत करेगी। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि उपभोक्ताओं की परचेजिंग पावर भी मजबूत होगी। इससे कई कंज्यूमर-फेसिंग सेक्टर्स को फायदा मिलेगा। संभावना है कि भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट की कीमतें कम हो सकती हैं। यह तभी संभव होगा जब कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले यूनिट जैसे जरूरी कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई जाए। इस कदम से लोकल मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और उपभोक्ताओं को सस्ते इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद मिल सकेंगे।

घर खरीदने का सपना होगा आसान

देश का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और लग्जरी हाउसिंग में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार बजट सेगमेंट यानी किफायती घरों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। उम्मीद है कि होम लोन के ब्याज पर टैक्स डिडक्शन की सीमा मौजूदा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो घर खरीदने की लागत काफी कम हो जाएगी और मिडिल क्लास परिवारों के लिए अपना घर खरीदना आसान हो जाएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस पर राहत

बजट 2026 में सरकार हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर पर भी जोर दे सकती है। संभावना है कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर इनडायरेक्ट टैक्स से राहत दी जाए। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सेक्शन 80D के तहत मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स को नए टैक्स सिस्टम में भी बढ़ाया जाए। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 तक की जा सकती है। इससे आम लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक किफायती दरों पर उपलब्ध होगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों और दवाओं पर असर

सरकार यदि बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर टैक्स कम करती है तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कारों की कीमतें घट सकती हैं। इससे ई-वाहनों की मांग बढ़ेगी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह यदि लाइफ सेविंग ड्रग्स पर ड्यूटी कम की जाती है तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं और जरूरी मेडिकल उपकरण सस्ते हो सकते हैं। इससे इलाज की लागत में कमी आएगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी।

घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स में राहत

बजट में यदि टैक्स या ड्यूटी में छूट दी जाती है तो भारत में बने टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर और अन्य घरेलू उपकरणों की कीमतें भी कम हो सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते दरों पर उपलब्ध होंगे और घरेलू उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

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