Budget 2026: अखिलेश यादव का हमला, बजट से उम्मीदें कम, गरीबों और युवाओं के मुद्दे पर सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट 2026 को 'जनता के समझ से बाहर' और 'अमीरों का कमीशन सेट करने वाला' दस्तावेज बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 95% आबादी को नजरअंदाज कर सिर्फ 5% करीबियों के लिए खजाना खोला है। क्या यह बजट वाकई युवाओं को नौकरी देने में विफल रहा?

Budget 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Budget 2026 : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती, तो उसके बजट से भी किसी प्रकार की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार की नीतियों और बजट को गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए निराशाजनक करार दिया।

भाजपा का बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अब तक पेश किए गए बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में थे, जबकि देश की बड़ी आबादी, जिसमें गरीब, किसान और युवा शामिल हैं, लगातार उपेक्षित रही है। उन्होंने कहा कि असली बजट वही होता है, जो गरीबों के चेहरों पर खुशी लाता है और उनकी जिंदगी में बदलाव लाता है।

बजट का उद्देश्य आम जनता की खुशहाली होना चाहिए

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य केवल चुनिंदा लोगों की तरक्की और मुनाफा सुनिश्चित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की खुशहाली और कल्याण सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बजट के जरिए अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि गरीब और वंचित वर्ग की हालत जस की तस बनी हुई है।

स्मार्ट सिटी और पुराने वादों पर सवाल उठाए

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार से उसके पुराने घोषणापत्र की याद दिलाते हुए सवाल किया कि उसके वादों का क्या हुआ। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना पर भी सवाल उठाए और कहा कि जिन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा किया गया था, वहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन असलियत में खराब पानी के कारण लोगों की जानें जा रही हैं। उन्होंने यह पूछा कि अगर यही सरकार का विकास मॉडल है, तो आम जनता को इसका क्या लाभ मिल रहा है?

पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश अपनी उपलब्धियों का दावा करता है, लेकिन सरकार को यह जवाब भी देना पड़ता है कि देश की हवा इतनी खराब है कि इसका असर निवेश पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि खराब हवा के कारण कितने लोगों की जान जा रही है, और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठा रही है?

युवा रोजगार की स्थिति पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसानों की आय वास्तव में दोगुनी हुई है? अगर नहीं, तो सरकार इसका जवाब क्यों नहीं देती। इसके साथ ही, उन्होंने युवा रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।

सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सरकार की नीतियां संदिग्ध

समाजिक न्याय के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सरकार पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के नाम पर जो बातें की जा रही हैं, उनकी सच्चाई देश की जनता जानती है। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार ने सामाजिक न्याय के मोर्चे पर वास्तव में क्या कदम उठाए हैं, और इस बारे में जनता को जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।

सरकार से ठोस जवाब की मांग

अखिलेश यादव ने इस बजट के बारे में अपनी निराशा जताते हुए सरकार से ठोस जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां और बजट का आधार सिर्फ कुछ चुनिंदा वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है, जबकि देश की व्यापक आबादी की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है।