Budaun Crime : बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां दबंगों की प्रताड़ना से तंग आकर एक 15 वर्षीय किशोरी ने मौत को गले लगा लिया। इस मामले ने उस वक्त और भी दुखद मोड़ ले लिया जब मृतका का पंचनामा भरने और शव को पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाने वाले दरोगा की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। एक ही घटनाक्रम से जुड़े दो लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
Budaun Crime :खेत गई किशोरी के साथ हुई दरिंदगी की कोशिश
घटना की शुरुआत रविवार शाम को हुई, जब उझानी थाना क्षेत्र के गांव छतुइया की रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी अपने घर के पास स्थित खेत से भूसा लेने गई थी। परिजनों के अनुसार, गांव के ही दो युवक, अनमोल और कन्हैया, पहले से ही घात लगाकर वहां बैठे थे। जैसे ही किशोरी सुनसान जगह पर पहुंची, दोनों आरोपियों ने उसे दबोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ शुरू कर दी। किशोरी की चीख-पुकार सुनकर जब परिवार के सदस्य दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी युवक उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
Budaun Crime : लोक-लाज और प्रताड़ना ने तोड़ा किशोरी का हौसला
परिजनों का आरोप है कि अनमोल और कन्हैया लंबे समय से किशोरी को परेशान कर रहे थे और आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती थीं। रविवार की घटना के बाद जब पीड़ित परिवार शिकायत लेकर आरोपियों के घर पहुँचा, तो न्याय मिलने के बजाय उन्हें अपमानित होना पड़ा। आरोपियों के परिवार वालों ने उल्टा किशोरी के चरित्र पर सवाल उठाए और परिजनों को बुरा-भला कहकर भगा दिया। इस अपमान और बार-बार होने वाली छेड़खानी से किशोरी गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चली गई। शर्म और बदनामी के डर से उसने देर रात घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण माहौल
जैसे ही परिजनों को किशोरी की मौत का पता चला, घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही यूपी 112 की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। हालांकि, इस मामले में जब इंस्पेक्टर उझानी का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, जिससे पुलिस की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन माहौल में तनाव बना हुआ था।
ड्यूटी के दौरान दरोगा कुंवरपाल को आया हार्ट अटैक
इस मामले में एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना तब हुई जब कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा था। उझानी थाने में तैनात 55 वर्षीय उपनिरीक्षक (दरोगा) कुंवरपाल सिंह किशोरी के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम हाउस लेकर पहुंचे थे। वहां अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। साथी पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया है।
पुलिस महकमे और परिवार में पसरा सन्नाटा
मृतक दरोगा कुंवरपाल मूल रूप से बुलंदशहर जिले के नरौरा क्षेत्र के रहने वाले थे। उनकी अचानक मौत की खबर ने पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां एक मासूम लड़की की मौत से गांव में गुस्सा और दुख है, वहीं एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को खोने से पुलिस विभाग भी शोक में डूबा है। फिलहाल पुलिस ने किशोरी के मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है और दरोगा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भेजने की तैयारी की जा रही है।
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