UP Politics: JPNIC पर यूपी में सियासी घमासान, अखिलेश यादव पर ब्रजेश पाठक का तंज

UP Politics: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने जेपीएनआईसी को बेचे जाने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि इसे बेचा नहीं गया, बल्कि बेहतर संचालन के लिए लीज पर दिया गया है। अखिलेश यादव को लेकर ब्रजेश पाठक का बयान बताते चले कि, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर यूपी की राजनीति में जेपीएनआईसी को लेकर बयानबाजी लगातार तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 11, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने जेपीएनआईसी को बेचे जाने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि इसे बेचा नहीं गया, बल्कि बेहतर संचालन के लिए लीज पर दिया गया है।

अखिलेश यादव को लेकर ब्रजेश पाठक का बयान

बताते चले कि, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर यूपी की राजनीति में जेपीएनआईसी को लेकर बयानबाजी लगातार तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव इस मौके पर लोकनायक की स्मृतियों को नमन करने के बजाय उनके नाम का इस्तेमाल राजनीतिक मुद्दा उठाने के लिए करेंगे।

अखिलेश यादव को लेकर ब्रजेश पाठक का बयान

ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव जेपीएनआईसी को लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं और दीवार कूदने जैसी गतिविधियों के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम की आड़ में अपने राजनीतिक हितों और परिवारवाद से जुड़े सवालों को पीछे करने का प्रयास करती है।

ब्रजेश पाठक ने बिक्री के आरोपों पर क्या कहा?

आपको बता दे कि, जेपीएनआईसी को लेकर चल रहे विवाद पर उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इसे बेचा नहीं गया है, बल्कि बेहतर संचालन के उद्देश्य से लीज पर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन सरकार महापुरुषों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए काम कर रही है।

ब्रजेश पाठक के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य जेपीएनआईसी का बेहतर तरीके से संचालन करना है। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, डॉ. राममनोहर लोहिया और आचार्य नरेंद्र देव जैसे महापुरुषों के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने भाषणों में इन महापुरुषों का उल्लेख करते हैं और उनके बताए रास्ते पर चलने की बात करते हैं।

JPNIC में मौजूद सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जेपीएनआईसी में मौजूद सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां पांच सितारा सुविधाओं के साथ स्विमिंग पूल भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल किस तरह और किसके लिए होगा, यह प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझती है।

JPNIC में मौजूद सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल

ब्रजेश पाठक ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि उस समय जेपीएनआईसी के संचालन की जिम्मेदारी परिवार से जुड़े लोगों को सौंपे जाने की बात कही जाती रही है। हालांकि, ये आरोप उपमुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए हैं।

अखिलेश यादव से ब्रजेश पाठक का सवाल

ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि प्रदेश की जनता की मेहनत की कमाई और टैक्स से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल किस तरह की सुविधाओं पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया और निजी संपत्ति जुटाने के बजाय जनहित को प्राथमिकता दी।

उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता जेपीएनआईसी के मुद्दे को उठाकर अपनी सरकार के दौरान हुए कामकाज से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण की विरासत को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

JPNIC विवाद से यूपी की राजनीति में फिर बढ़ी बयानबाजी

जेपीएनआईसी को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। एक तरफ ब्रजेश पाठक ने लीज पर दिए जाने के फैसले को बेहतर संचालन से जोड़ा है, तो दूसरी तरफ उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति और पिछली सपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।

इस पूरे विवाद में जेपीएनआईसी के संचालन, उसकी सुविधाओं और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत को लेकर राजनीतिक बहस सामने आई है। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।