Brij Bhushan Sharan Singh : बागपत में बृजभूषण का राहुल गांधी पर हमला, विदेशी फंडिंग के आरोपों से मची हलचल

बागपत के क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन में बृजभूषण शरण सिंह ने ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी हलचल बढ़ा दी। राहुल गांधी की उम्र और राजनीतिक समझ पर टिप्पणी के साथ उन्होंने विपक्षी आंदोलनों में विदेशी फंडिंग का आरोप लगाया। आखिर उन्होंने कांग्रेस से अपने पारिवारिक रिश्ते पर क्या कहा?

Brij Bhushan Sharan Singh

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 2, 2026

Brij Bhushan Sharan Singh : उत्तर प्रदेश के बागपत में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन में पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह के बयानों ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। साथ ही कुछ आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग होने का आरोप भी लगाया। उनके संबोधन में राजनीतिक टिप्पणियों के साथ यूजीसी, सोशल मीडिया और क्षत्रिय समाज की एकजुटता जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में हुआ आयोजन

रविवार को बागपत स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के मैदान में क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बृजभूषण शरण सिंह ने सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष की जिम्मेदारी और देश के विकास में उसकी भूमिका का जिक्र किया। उनके भाषण के कुछ हिस्से खास तौर पर चर्चा में रहे, जिनमें राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोप शामिल हैं।

राहुल गांधी की उम्र और राजनीतिक समझ पर टिप्पणी

बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें विपक्ष का युवा नेता बताते हुए उनकी उम्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 55 वर्ष हो चुकी है, लेकिन अब तक राजनीतिक समझ विकसित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति देखकर उन्हें विपक्ष के नेता की भूमिका से निराशा होती है।उन्होंने विपक्ष के नेता की तुलना नाचने वाले बंदर से करते हुए कहा कि वह कभी एक डाल पर तो कभी दूसरी डाल पर दिखाई देते हैं। उनका कहना था कि यदि विपक्ष ने अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाई होती तो देश और अधिक प्रगति कर सकता था। यह टिप्पणी राहुल गांधी और विपक्ष पर उनके राजनीतिक हमले का प्रमुख हिस्सा रही।

विदेशी फंडिंग को लेकर विपक्षी आंदोलनों पर आरोप

सम्मेलन में बृजभूषण शरण सिंह ने कुछ विपक्षी आंदोलनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक राजनीतिक दल के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शब्द का इस्तेमाल किया और दावा किया कि उसे विदेश से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद आंदोलन में शामिल होने के बजाय बाहर से भेजे जाते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सक्रिय किया जाता है।

उन्होंने लोगों से ऐसे आंदोलनों के बहकावे में नहीं आने की अपील की। हालांकि, विदेशी फंडिंग से जुड़े इन दावों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया। इसलिए इन बातों को उनके आरोप और दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस से पारिवारिक रिश्ते का किया जिक्र

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने परिवार के पुराने राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके दादा वर्ष 1952 में कांग्रेस के विधायक रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके परिवार की पुरानी राजनीतिक विरासत से जुड़ी पार्टी रही है और इसी कारण उनके मन में पार्टी के प्रति पुरानी सहानुभूति है।

हालांकि, उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर दुख जताया। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि कांग्रेस से पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करने के बावजूद उन्होंने वर्तमान नेतृत्व और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।

यूजीसी के नए नियमों पर भी रखी राय

महासम्मेलन में यूजीसी के मुद्दे पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियम न आए हैं और न ही आएंगे। इस विषय पर वह पहले भी अपनी असहमति जाहिर करते रहे हैं। उनके इस बयान ने सम्मेलन में मौजूद लोगों के बीच शिक्षा से जुड़े मुद्दे को भी चर्चा का विषय बनाया।

सोशल मीडिया पर जातीय टिप्पणियों को लेकर नाराजगी

बृजभूषण शरण सिंह ने सोशल मीडिया पर जातियों के बीच विवाद बढ़ाने वाली टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वाई-प्लस सुरक्षा लेकर घूमते हैं और इंटरनेट पर एक-दूसरे के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां समाज को बांटने का काम करती हैं। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई।

क्षत्रिय समाज की एकजुटता और युवाओं को दिया संदेश

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में उन्होंने क्षत्रिय समाज को एकजुट रहने और दूसरे समुदायों के लोगों को साथ लेकर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी कमियों को पहचानना चाहिए और आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए। युवाओं से उन्होंने दूसरे समाज के लोगों के साथ मित्रता और मजबूत संबंध बनाने की अपील की।

महाराणा प्रताप के इतिहास और उनके सहयोगियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में योगदान देने वाले सभी लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, समाज की मजबूती केवल आपसी एकता से नहीं, बल्कि दूसरे समुदायों के साथ सहयोग और सम्मान के रिश्ते बनाने से भी बढ़ती है।

राजनीतिक बयानों के कारण चर्चा में रहा सम्मेलन

बागपत के इस महासम्मेलन में कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का केंद्र क्षत्रिय समाज की एकजुटता और सामाजिक विषय रहे, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह की राहुल गांधी पर टिप्पणी और विदेशी फंडिंग के आरोप भी चर्चा में आ गए। अब उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

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