BRICS India Venezuela: पीएम मोदी और डेल्सी रोड्रिग्ज की बातचीत, भारत-वेनेजुएला संबंधों में ऊर्जा और कूटनीति का नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी और वेनेजुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच हुई ऐतिहासिक बातचीत ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है। $580 मिलियन के अटके लाभांश और रूसी तेल पर निर्भरता कम करने के अमेरिकी संकेत के बीच, क्या भारत अब वेनेजुएला से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदेगा? जानिए इस कूटनीति के पीछे का असली मास्टरप्लान।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 31, 2026

BRICS India Venezuela:भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वेनेजुएला बड़े राजनीतिक बदलावों के दौर से गुजर रहा है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वार्ता को सार्थक बताते हुए कहा कि भारत और वेनेजुएला सभी क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को गहरा करने के लिए एक साझा विजन पर सहमत हुए हैं।

राजनीतिक परिवर्तन के बीच पहली उच्च स्तरीय वार्ता: मादुरो के बाद का समीकरण

यह ऐतिहासिक फोन कॉल अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने 5 जनवरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में देश की कमान संभाली है। कार्यभार संभालने के बाद भारत के साथ यह उनकी पहली उच्च स्तरीय वार्ता है। इस बातचीत के माध्यम से भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपने संबंधों को वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी स्थिर और मजबूत बनाए रखना चाहता है।

ऊर्जा और व्यापार पर केंद्रित एजेंडा: अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है, और भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए वेनेजुएला को एक महत्वपूर्ण भागीदार मानता है। इस वार्ता में ओएनजीसी (ONGC) के वेनेजुएला में निवेश और रुके हुए लाभांश (Dividend) भुगतान जैसे तकनीकी व कूटनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।

ग्लोबल साउथ की मजबूती: विकासशील देशों के हितों की साझा आवाज

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति रोड्रिग्ज ने ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के देशों के बीच निकट सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। भारत वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की सशक्त आवाज बनकर उभरा है। दोनों नेताओं का मानना है कि ग्लोबल साउथ के देशों का आपसी सहयोग ही विश्व के आर्थिक संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के हितों का समर्थन करने और वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण अपनाने की बात भी इस वार्ता का मुख्य हिस्सा रही।

कूटनीतिक रणनीतियों का विस्तार: पीएम मोदी का ‘X’ पर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी इस बातचीत का विवरण साझा किया। उन्होंने लिखा कि सुश्री डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न आयामों पर चर्चा करना सुखद रहा। उन्होंने भविष्य की साझा दृष्टि (Shared Vision) का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश संबंधों को एक नई ऊंचाई और दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह संदेश केवल वेनेजुएला के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक रणनीतिक संकेत है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर अडिग है।

भविष्य की राह: भारत की वैश्विक भूमिका

अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में उत्पन्न हुए हालातों के बीच भारत की यह सक्रिय कूटनीति चर्चा का विषय बनी हुई है। भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि लैटिन अमेरिका में अपने प्रभाव को भी बढ़ा रहा है। इस वार्ता से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में भारत और वेनेजुएला के बीच लोगों से लोगों के संबंधों (People-to-People ties) और व्यापारिक आदान-प्रदान में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए फलदायी साबित होगी।

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