अखिलेश के ‘चवन्नी-अठन्नी’ बयान पर ब्रजेश पाठक का पलटवार- ‘यह जयंत नहीं, किसानों और जाटों का अपमान है’

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा पूरी तरह से फ्रस्टेशन के दौर से गुजर रही है और दिग्भ्रमित है। उसे समझ नहीं आ रहा कि सत्ता में वापसी कैसे हो। पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन उसके शासन में लूट, हत्या, दंगे और अपराध बढ़े। ‘सपा के राज में लूट, हत्या, दंगे और अपराध बढ़े’ ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की कानून–व्यवस्था

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Published On :

अगस्त 22, 2026

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा पूरी तरह से फ्रस्टेशन के दौर से गुजर रही है और दिग्भ्रमित है। उसे समझ नहीं रहा कि सत्ता में वापसी कैसे हो। पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन उसके शासन में लूट, हत्या, दंगे और अपराध बढ़े।

सपा के राज में लूट, हत्या, दंगे और अपराध बढ़े

ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की कानूनव्यवस्था चौपट हो गई थी। सपा के शासन में एक हजार से अधिक दंगे हुए और यूपी पर बीमारू राज्य का कलंक लगा। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है और उत्तर प्रदेश राजस्व सरप्लस राज्य बन चुका है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली की व्यवस्था में सुधार हुआ है। एयरपोर्ट से लेकर रेल मार्ग और सड़क नेटवर्क तक विकास का काम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार मेंवन डिस्ट्रिक्ट, वन माफियाजैसी स्थिति थी, जबकि आज प्रदेश में कानूनव्यवस्था बेहतर हुई है।

सपा अपने नाम पर वोट मांगने से क्यों बचती है?’

ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाजवादी पार्टी अपने काम के नाम पर वोट क्यों नहीं मांगती? पाठक के मुताबिक, सपा को पता है कि अगर वह अपने नाम और अपने शासन के रिकॉर्ड पर वोट मांगेगी तो जनता को उसके शासनकाल की याद जाएगी।

उन्होंने सपा पर माफिया और दंगों की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेश रहा है और विकास के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

जयंत चौधरी पर अखिलेश के बयान को बताया किसानों का अपमान

अखिलेश यादव के जयंत चौधरी को लेकर दिए गएचवन्नीअठन्नीवाले बयान पर भी ब्रजेश पाठक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध हो सकता है, लेकिन सभी का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा रहे हैं और अजीत सिंह ने भी अपना पूरा जीवन किसानों के लिए लगाया। ऐसे में उनके बेटे जयंत चौधरी के लिएचवन्नीअठन्नीजैसे शब्दों का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। पाठक ने कहा कि यह सिर्फ जयंत चौधरी का अपमान नहीं है, बल्कि किसानों, जाट समाज, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर प्रदेश का अपमान है।

कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण के कारण वंदे मातरम का विरोध करती है

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से वंदे मातरम का विरोध करती है। उन्होंने दावा किया कि पहले कांग्रेस के अधिवेशनों में पूरा वंदे मातरम गाया जाता था, लेकिन मुस्लिम लीग के कहने पर कांग्रेस ने इसे गाना बंद कर दिया।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम गाते हुए फांसी का फंदा चूमा, उसका विरोध करना उन शहीदों का भी अपमान है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि योगी सरकार मां गंगा का सम्मान करती है और गंगा, गाय तथा पृथ्वी के संरक्षण और सम्मान के लिए काम कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश में हो रहा हर अच्छा काम चुभता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश रहा है, कानूनव्यवस्था सुधरी है और विकास के तमाम काम हुए हैं, लेकिन अखिलेश यादव इन उपलब्धियों को स्वीकार नहीं करना चाहते।

लोहिया के नाम से अखिलेश पर तंज

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया के कथन का हवाला देते हुए भी अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोहिया जी कहा करते थे किजो परिवार से सटेगा, वो समाज से कटेगा।पाठक ने इसी के जरिए अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सपा परिवारवाद की राजनीति में उलझी हुई है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास, निवेश और बेहतर कानूनव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि विपक्ष परेशान है और उसे समझ नहीं रहा कि इन मुद्दों के सामने जनता के बीच किस आधार पर जाए।