BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर महायुति गठबंधन ने अपना बहुप्रतीक्षित घोषणा पत्र जारी कर दिया है। यह घोषणा पत्र मतदान से ठीक चार दिन पहले जनता के सामने लाया गया है। इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले की मौजूदगी में जारी किया गया। घोषणा पत्र में मुंबई के बुनियादी ढांचे, यातायात, पानी, स्वच्छता और भाषा-संस्कृति से जुड़े कई बड़े वादे किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर
महायुति के घोषणापत्र में मुंबई के समग्र विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसमें सड़कों के सुधार, भूमिगत विकास, बेहतर यातायात प्रबंधन, 24×7 स्वच्छ जल आपूर्ति और वर्षा जल संचयन जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। गठबंधन का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए मुंबईकरों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सड़कों के निर्माण और मरम्मत की नई योजना
घोषणापत्र के अनुसार, जिन इलाकों में ट्रैफिक कम है वहां एस्फाल्ट सड़कें बनाई जाएंगी, जबकि अधिक ट्रैफिक वाले मार्गों पर सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कें विकसित की जाएंगी। सड़कों के नीचे यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में बार-बार खुदाई से बचा जा सके। इसके अलावा, डेवलपमेंट प्लान (DP) सड़कों के अधिग्रहण के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी।
खुदाई की समस्या और पार्किंग का समाधान
मुंबई में बार-बार होने वाली खुदाई से होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए शहर को 15 सेवा क्षेत्रों में बांटकर खुदाई का समन्वय किया जाएगा। साथ ही, इन्हीं क्षेत्रों में यूटिलिटी टनल विकसित की जाएंगी। निजी लेआउट की सड़कों का डामरीकरण और नियमित रखरखाव किया जाएगा। पार्किंग समस्या के समाधान के लिए कम्युनिटी पार्किंग, स्मार्ट और मोटराइज्ड पार्किंग के साथ-साथ अंडरग्राउंड और मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाएं विकसित करने का वादा किया गया है।
डिजिटल ट्रैफिक सिस्टम और पैदल यात्रियों पर ध्यान
घोषणापत्र में सड़कों पर डिजिटल सूचना बोर्ड लगाने की योजना भी शामिल है। इन बोर्डों के जरिए वाहन चालकों को रियल-टाइम ट्रैफिक स्थिति, सड़क अवरोध और निर्माण कार्यों की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा, पैदल यात्रियों और दिव्यांग नागरिकों के लिए सभी फुटपाथों को मानक कंक्रीट से विकसित किया जाएगा, ताकि “राइट टू वॉक” सुनिश्चित किया जा सके।
खुली जगहों और नागरिक सहभागिता की योजना
शहर की सभी खुली जगहों की देखरेख महानगरपालिका द्वारा की जाएगी। रखरखाव के लिए विशेष सहयोग नीति बनाई जाएगी, जिसमें स्थानीय नागरिक संगठनों और एडवांस्ड लोकल मैनेजमेंट्स (ALMs) को केयरटेकर की भूमिका सौंपी जाएगी। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई की पानी समस्या पर बड़ा वादा
महायुति ने मुंबई की जल समस्या को लेकर भी विस्तृत योजना पेश की है। अगले पांच वर्षों में गरगई, पिंजाल और दमनगंगा जैसी प्रमुख जल परियोजनाओं को पूरा करने का वादा किया गया है। वर्तमान 3,800 एमएलडी जलापूर्ति क्षमता को बढ़ाकर 4,900 एमएलडी करने की योजना है। जल प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
पर्यावरण, भाषा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे
पर्यावरण संरक्षण के लिए 17 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है। वहीं, घोषणापत्र में साफ कहा गया है कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। मराठी भाषा और संस्कृति को मजबूत करने के लिए नगर पालिका में अलग मराठी विभाग, मराठी आर्ट सेंटर और अभ्यासिका की स्थापना की जाएगी। बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर मराठी युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम और आर्थिक प्रावधान भी किए जाएंगे।
चुनावी माहौल में घोषणापत्र की अहमियत
महायुति का यह घोषणापत्र मुंबई महानगरपालिका चुनाव में गठबंधन की विकासात्मक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। अब देखना होगा कि मतदाता इन वादों को किस तरह स्वीकार करते हैं और इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।










