राज्यसभा सीटों पर बीजेपी की रणनीति तैयार, नए चेहरों को मिल सकता है मौका

भोपाल  केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी कर मध्यप्रदेश की तीन सीटों में होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। प्रदेश में तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें भाजपा से सांसद और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी है। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह हैं। उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। नए उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। बीजेपी सूत्रों के अनुसार पार्टी में नए चेहरे पर विचार किया जा रहा है। अंतिम चर्चा के बाद उम्मीदवारों के नाम बंद लिफाफे

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Published On :

मई 24, 2026

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भोपाल 

केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी कर मध्यप्रदेश की तीन सीटों में होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। प्रदेश में तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें भाजपा से सांसद और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी है। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह हैं। उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। नए उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। बीजेपी सूत्रों के अनुसार पार्टी में नए चेहरे पर विचार किया जा रहा है। अंतिम चर्चा के बाद उम्मीदवारों के नाम बंद लिफाफे में केंद्रीय समिति को भेजे जाएंगे।

कांग्रेस की एक सीट पर भाजपा किसी डमी प्रत्याशी को समर्थन दे सकती है
भाजपा राज्यसभा चुनाव के बहाने कांग्रेस की थाह भी नाप सकती है। चर्चा है कि कांग्रेस की एक सीट पर भाजपा किसी डमी प्रत्याशी को समर्थन दे सकती है।

हाल ही में वर्चुअली बैठक भी बुलाई गई थी। शुरुआती चर्चा पूरी हो गई है। राज्यसभा का चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद पार्टी द्वारा दिल्ली से मार्गदर्शन मांगकर पार्टी मुख्यालय में बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई जाएगी।

केंद्रीय मंत्री कुरियन केरल में कांजिरापल्ली सीट से चुनाव लड़े थे, चुनाव हारने के कारण बदले समीकरण
केंद्रीय मंत्री कुरियन केरल में कांजिरापल्ली सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा दोबारा उन्हें मप्र से उच्च सदन में भेजने पर विचार कर रही है। वजह यह भी है कि वे केंद्र में मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं। जमीनी कार्यकर्ताओं में शुमार हैं। यदि मध्यप्रदेश मूल के व्यक्ति को भेजने की बात का मुद्दा उठा तो तस्वीर बदल सकती है।

सुमेर सिंह की संघ में अच्छी पकड़ लेकिन उनके नाम पर संशय के बादल
इतिहास के प्रोफेसर से राज्यसभा तक का सफर तय करने वाले बड़वानी के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की जगह पार्टी किसी अन्य युवा चेहरे पर विचार कर सकती है। शीर्ष नेताओं का मानना है कि भाजपा के पास कई अन्य चेहरे हैं जिन्हें अवसर मिलना चाहिए।

राजनैतिक जीवन का पहला चुनाव ही राज्यसभा का लड़ा, सुमेर सिंह को प्रदेश में बीजेपी के आदिवासी चेहरे के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है

हालांकि यह काम इतना आसान भी नहीं है। सांसद सुमेर सिंह की संघ में अच्छी पकड़ मानी जाती है। उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन का पहला चुनाव ही राज्यसभा का लड़ा था। सुमेर सिंह को प्रदेश में बीजेपी के आदिवासी चेहरे के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता रहा है।

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