मेयर चुनाव में बीजेपी का दांव सफल, सौरभ जोशी ने कड़े मुकाबले में मारी बाजी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। बीजेपी के उम्मीदवार सौरभ जोशी शहर के नए मेयर चुने गए हैं। उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवारों को करारी शिकस्त दी। बीजेपी पार्षद सौरभ जोशी 18 वोट पाकर चंडीगढ़ के मेयर चुने गए हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गब्बी को 7 वोट मिले, जबकि AAP के योगेश ढींगरा को 11 वोट मिले। इसके अलावा, भाजपा के ही जसमनप्रीत सिंह सीनियर डिप्टी मेयर चुने गए हैं। दरअसल सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों

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Published On :

जनवरी 29, 2026

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चंडीगढ़
चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। बीजेपी के उम्मीदवार सौरभ जोशी शहर के नए मेयर चुने गए हैं। उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवारों को करारी शिकस्त दी। बीजेपी पार्षद सौरभ जोशी 18 वोट पाकर चंडीगढ़ के मेयर चुने गए हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गब्बी को 7 वोट मिले, जबकि AAP के योगेश ढींगरा को 11 वोट मिले।

इसके अलावा, भाजपा के ही जसमनप्रीत सिंह सीनियर डिप्टी मेयर चुने गए हैं। दरअसल सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए मुकाबला भी दिलचस्प था। सीनियर डिप्टी मेयर के लिए बीजेपी ने जसमनप्रीत सिंह, AAP ने मुनव्वर खान और कांग्रेस ने सचिन गलाव को नॉमिनेट किया था।

चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए वोटिंग सुबह 11 बजे शुरू हुई। बीजेपी ने सौरभ जोशी को, कांग्रेस ने गुरप्रीत सिंह गब्बी को और AAP ने योगेश ढींगरा को मैदान में उतारा था। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए, तीनों पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ-साथ एक निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।

BJP के पास 18 पार्षद हैं, AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 तथा सांसद (मनीष तिवारी) का एक अतिरिक्त वोट है। चुनाव हाथ उठाकर करवाया गया और अगर टाई बना रहता तो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत टॉस का प्रावधान था। पिछले साल के विपरीत, इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मिलकर चुनाव नहीं लड़ा। दोनों पार्टियों के अलग-अलग उम्मीदवार उतारे।

2022 में मौजूदा सदन के गठन के बाद यह पहली बार है कि तीनों पार्टियां मेयर चुनाव में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। नगर निगम में 35 चुने हुए पार्षद हैं और शहर के सांसद को भी वोट देने का अधिकार है, जिससे कुल वोटर्स की संख्या 36 हो जाती है। इस लिहाज से मेयर चुने जाने के लिए उम्मीदवार को 19 वोटों की जरूरत होती है।

 

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