BJP Campaign 2026: ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’, SIR पर विपक्ष को घेरने की BJP की तैयारी

SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए बीजेपी 23 से 31 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है। ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नाम के इस अभियान में पदयात्राएं, करीब 4,000 सम्मेलन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विश्वविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी अभियान का हिस्सा होंगे।

BJP Campaign 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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BJP Campaign 2026: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासत चरम पर है. विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब दूसरे चरण का राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाने जा रही है। यह अभियान 23 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी ने इसे ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नाम दिया है।

इस अभियान के जरिए बीजेपी SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देगी। साथ ही, पार्टी की कोशिश होगी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच अपना पक्ष रखा जाए और इसके समर्थन में जनमत तैयार किया जाए।

देशभर के जिलों में पदयात्राएं निकालेगी बीजेपी

देशभर के जिलों में पदयात्राएं निकालेगी बीजेपी

बीजेपी की योजना के मुताबिक, अभियान के दौरान देशभर के सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। बड़े शहरों में जरूरत के हिसाब से तीन तक पदयात्राएं आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी इन कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। पदयात्राओं के जरिए आम लोगों तक SIR से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही पार्टी विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपना नजरिया सामने रखेगी।

हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे ‘Citizens for Democracy’ सम्मेलन

SIR अभियान के तहत बीजेपी बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों को ‘Citizens for Democracy’ यानी ‘सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया गया है। पार्टी की योजना देशभर के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऐसे सम्मेलन आयोजित करने की है। इसके तहत करीब 4,000 सम्मेलनों का लक्ष्य रखा गया है।

इन सम्मेलनों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और इससे जुड़े राजनीतिक सवालों पर चर्चा होगी। बीजेपी इन कार्यक्रमों के जरिए बुद्धिजीवियों और समाज के अलग-अलग वर्गों तक अपना पक्ष पहुंचाने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

बीजेपी ने इस अभियान को गति देने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी देने की योजना बनाई है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश प्रभारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इन प्रेस वार्ताओं के जरिए SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर अपना पक्ष रखेंगे और इस मुद्दे पर जनता के बीच चल रही चर्चा का जवाब देने की कोशिश करेंगे।

विश्वविद्यालयों में SIR पर जागरूकता फैलाएगा युवा मोर्चा

बीजेपी के इस अभियान में युवा मोर्चा भी अहम भूमिका निभाएगा। युवा मोर्चा देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के बीच SIR से जुड़ी जानकारी पहुंचाएगा। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। छात्रों के बीच SIR से संबंधित विषयों पर प्रतियोगिताएं कराने की भी योजना बनाई गई है। पार्टी का उद्देश्य युवाओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया समझाना और इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए भी होगा प्रचार

बीजेपी अपने अभियान को पदयात्राओं, सम्मेलनों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रखेगी। पार्टी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से भी SIR से जुड़ा प्रचार करेगी। इसके अलावा, लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए SIR से संबंधित साहित्य भी वितरित किया जाएगा।

SIR पर विपक्ष के नैरेटिव को चुनौती देने की तैयारी

बीजेपी के इस दूसरे चरण के अभियान का मुख्य मकसद SIR पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और आम मतदाताओं के बीच इस प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। 23 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में पार्टी अपने संगठन, वरिष्ठ नेताओं, युवा मोर्चा, बुद्धिजीवियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को एक साथ सक्रिय करने की तैयारी में है।

इस तरह बीजेपी SIR के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ जनसंपर्क के मोर्चे पर भी अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने जा रही है। अब इस अभियान के दौरान विपक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और जनता के बीच इसका कितना असर पड़ता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।