BJP Congress : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर कई सवाल उठाए। राहुल गांधी ने खास तौर पर सरकार की विदेश नीति को निशाने पर लिया। हालांकि, उनके भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई एक व्यक्तिगत टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे राजनीतिक मर्यादा से जोड़कर सवाल खड़े किए।
विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार की विदेश नीति का केंद्र केवल विदेशी नेताओं से व्यक्तिगत संबंध बनाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विदेशी नेताओं से गले मिलने को ही विदेश नीति का हिस्सा मानते हैं। इसी दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया और अपनी बात को उदाहरण के तौर पर सामने रखा।
इटली की पीएम का भी किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ उनके संबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत दोस्ती के बजाय देश के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
ईरान संघर्ष को लेकर भी सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने ईरान से जुड़े संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत ने समय रहते परिस्थितियों का फायदा उठाया होता तो वह मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था। राहुल गांधी के मुताबिक, भारत के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर था, लेकिन सरकार उसका इस्तेमाल नहीं कर सकी।
पाकिस्तान के कदम का राहुल ने किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारत के बजाय पाकिस्तान ने इस मामले में आगे बढ़कर भूमिका निभाई। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब पाकिस्तान ने कदम उठा लिया तो प्रधानमंत्री यह सोचते रह गए कि ऐसा कैसे हो गया। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को अधिक सक्रिय और राष्ट्रीय हितों पर केंद्रित किए जाने की जरूरत बताई।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि देश को ऐसा विपक्ष का नेता देखना पड़ रहा है, जो इस तरह की टिप्पणियां करता है। नड्डा ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के लिए इससे अधिक दुख की बात क्या होगी कि उसे राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है।
निशिकांत दुबे ने भी किया पलटवार
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी के भाषण का एक वीडियो साझा किया और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। दुबे ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के लिए झारखंड के रांची स्थित कांके का उल्लेख किया। उनके इस बयान के बाद भी राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
बयानबाजी से बढ़ा सियासी तापमान
राहुल गांधी के भाषण के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री की कूटनीतिक रणनीति पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी की भाषा और टिप्पणियों को निशाने पर लिया है। ऐसे में राहुल गांधी के बयान ने संसद से बाहर भी राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है।
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