
UP News: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के बीच कानपुर से भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर आई है। बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। उन्होंने सपा समर्थित प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी को 2,483 वोटों से हरा दिया। इस चुनाव की खास बात यह भी रही कि मतदान ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराया गया था।
बिठूर नगर पंचायत उपचुनाव में BJP की बड़ी जीत

बताते चले कि, बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह को कुल 4,210 वोट मिले। वहीं, सपा समर्थित आदर्श द्विवेदी को 1,727 वोटों से संतोष करना पड़ा। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 2,483 वोट रहा। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रदीप कुमार द्विवेदी को महज 58 वोट मिले। इस नतीजे के साथ भाजपा ने बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखा। चुनाव में राना समरेंद्र सिंह की शुरुआत से ही मजबूत स्थिति दिखाई दी और आखिर तक उनकी बढ़त बनी रही।
बैलेट पेपर से हुआ मतदान
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। इसके बाद गुरुवार सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हुई। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह ने पहले ही राउंड से बढ़त बना ली थी। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, उनकी बढ़त मजबूत होती गई। पांचवें राउंड तक राना समरेंद्र सिंह आगे रहे और आखिरकार उन्होंने जीत हासिल कर ली। चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल होने की वजह से भी यह मुकाबला चर्चा में रहा।
BJP की बढ़त के बाद लगे जय श्रीराम के नारे
मतगणना में राना समरेंद्र सिंह के आगे निकलते ही भाजपा समर्थकों का उत्साह बढ़ने लगा। मतगणना स्थल के आसपास जुटे कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। जैसे-जैसे जीत की तस्वीर साफ होती गई, समर्थकों की खुशी भी बढ़ती गई। पांचवें राउंड का परिणाम घोषित होने से पहले आदर्श द्विवेदी मतगणना स्थल से बाहर निकल गए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उन्हें घर तक पहुंचाया गया। इस दौरान भाजपा समर्थकों की ओर से हूटिंग किए जाने की भी खबर सामने आई।

चुनाव अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने जैसे ही राना समरेंद्र सिंह की जीत का ऐलान किया, भाजपा कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे। ढोल-नगाड़े बजने लगे और समर्थकों ने माला पहनाकर विजेता को बधाई दी। राना समरेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही अपने घर पहुंचे। वहां भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने अपने बड़े भाई के पैर छूकर उनका स्वागत किया।
26 साल से एक ही परिवार का दबदबा
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है। इस सीट पर पिछले 26 साल से एक ही परिवार का दबदबा बना हुआ है। वर्ष 2000 से डॉ. निर्मला सिंह लगातार पांच चुनाव जीतकर अध्यक्ष पद पर काबिज रही थीं। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराना पड़ा। अब उनके बड़े बेटे राना समरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज कर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है। इस तरह बिठूर नगर पंचायत की अध्यक्षी पर एक बार फिर इसी परिवार का कब्जा हो गया है।
कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों की जमानत जब्त
चुनाव में कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी ही अपनी जमानत बचा सके। कांग्रेस के प्रदीप कुमार द्विवेदी को 58 वोट मिले। वहीं, हर्ष कुमार द्विवेदी को 25, सरोज देवी को 16 और प्रदीप कुमार दिवाकर को 11 वोट मिले। राना समरेंद्र सिंह की पत्नी सीमा को सिर्फ आठ वोट मिले।
मतगणना में कुल 6,192 मतों में से 130 वोट अवैध पाए गए, जबकि सात मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। कुल मिलाकर, बिठूर उपचुनाव में भाजपा की जीत ने पार्टी को मजबूती दी है, वहीं सपा समर्थित प्रत्याशी को बड़े अंतर से मिली हार ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।











