Bihar Political News: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर की गई एक तीखी पोस्ट है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए अपने भाई और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। रोहिणी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब आरजेडी बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है।
फिल्मी गीत के जरिए दिया राजनीतिक संदेश
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में सुपरस्टार राजेश खन्ना की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रोटी’ के एक मशहूर गीत का हवाला दिया। गीत की पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने पार्टी में मौजूद ‘गिद्धों’ पर हमला बोला और संकेत दिया कि समीक्षा बैठकों से पहले पार्टी नेतृत्व को आत्मनिरीक्षण करने का साहस दिखाना चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव और उनके करीबी लोगों की ओर माना जा रहा है।
चुनावी हार के बाद तेजस्वी की बैठक पर सवाल
दरअसल, तेजस्वी यादव ने हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा के लिए एक मूल्यांकन बैठक बुलाई थी। इसी बैठक को लेकर रोहिणी ने सवाल उठाया और कहा कि केवल बैठकें करने से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि नेतृत्व को पहले खुद की भूमिका पर विचार करना चाहिए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
2024 लोकसभा चुनाव और पारिवारिक दूरी
रोहिणी आचार्य 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से आरजेडी उम्मीदवार थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद नवंबर 2025 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगियों को दोषी ठहराते हुए लालू यादव और परिवार के अन्य सदस्यों से अपने संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। फिलहाल रोहिणी अपने पति और बच्चों के साथ सिंगापुर में रह रही हैं।
किन सहयोगियों की ओर था इशारा
हालांकि पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रोहिणी का इशारा राज्यसभा सांसद संजय यादव और पार्टी के सोशल मीडिया संचालन से जुड़े रमीज की ओर था। दोनों को तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना
रोहिणी आचार्य की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि उन्होंने लालू यादव को किडनी दान कर जो सम्मान कमाया था, वह अब धीरे-धीरे खो रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि तेजस्वी यादव ही लालू यादव के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और रोहिणी को पार्टी के कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए।
समर्थकों और आलोचकों की तीखी प्रतिक्रियाएं
एक यूजर अरविंद यादव ने लिखा कि रोहिणी को अपने परिवार और ससुराल पर ध्यान देना चाहिए, जबकि दूसरे यूजर शशि भूषण ने उन्हें ‘विभीषण’ न बनने की सलाह दी। आलोचकों का कहना है कि पार्टी केवल परिवार तक सीमित नहीं है और आत्ममंथन के नाम पर पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करना सही नहीं।रोहिणी आचार्य की यह पोस्ट एक बार फिर आरजेडी के अंदरूनी तनाव को उजागर करती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पारिवारिक और राजनीतिक टकराव से कैसे निपटता है और इसका असर बिहार की राजनीति पर कितना पड़ता है।
Read More : Indore Water Crisis: इंदौर दौरे पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, दूषित पानी से मौतों पर उठाए सवाल










