Bihar MLC Election 2026 : बिहार MLC चुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव, पांच उम्मीदवारों की घोषणा से महागठबंधन में बढ़ा टकराव

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें चार सीटों पर RJD पहले ही प्रत्याशी उतार चुका है। दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होने से अब सीट तालमेल और गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।

Bihar MLC Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Bihar MLC Election 2026 : बिहार में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव से पहले विपक्षी महागठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत किसी सहमति तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कांग्रेस ने अपने पांच प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम मंजूरी दी है।

कांग्रेस ने पांच सीटों पर घोषित किए अपने प्रत्याशी

कांग्रेस की ओर से जारी सूची के मुताबिक पार्टी ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मनोज कुमार जायसवाल को टिकट दिया गया है। दरभंगा स्नातक सीट पर रजनीकांत पाठक को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजय यादव और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से असदुल्लाह खान कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे।

पांच नामों के ऐलान से साफ हुआ चुनावी रुख

कांग्रेस के इन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो गई है। खास तौर पर उन सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, जहां राष्ट्रीय जनता दल भी अपने प्रत्याशी पहले ही घोषित कर चुका है। ऐसे में दोनों दलों के बीच सीधा चुनावी मुकाबला देखने को मिल सकता है।

RJD के एकतरफा फैसले से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राजद के बीच मतभेद तब और गहरा गए, जब राजद ने कांग्रेस से औपचारिक चर्चा किए बिना छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। राजद के इस फैसले पर कांग्रेस नेतृत्व ने आपत्ति जताई थी। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि सहयोगी दल ने गठबंधन में आपसी सहमति और समन्वय की अपेक्षित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

सीट शेयरिंग पर बातचीत नहीं बनी सहमति

दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत हुई, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं बन सका। इसके बाद कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा करके चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। इससे महागठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, मौजूदा स्थिति विशेष रूप से विधान परिषद चुनाव से जुड़ी है और इसका व्यापक राजनीतिक संबंध किस रूप में आगे बढ़ता है, यह अलग विषय है।

23 अक्टूबर को होगा मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा परिणाम

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को कराया जाएगा। वहीं मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव कार्यक्रम के साथ ही विभिन्न दलों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस और राजद के अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में होने से कई सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।

चुनाव में गठबंधन की रणनीति की होगी परीक्षा

इन सीटों पर कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों की घोषणा ने चुनावी समीकरणों को नया रूप दिया है। जहां एक ओर दोनों दल अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे, वहीं दूसरी ओर मतदाताओं के बीच गठबंधन की स्थिति को लेकर भी चर्चा बढ़ सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि 23 अक्टूबर के मतदान में दोनों दलों के प्रत्याशी किस तरह चुनावी मुकाबला करते हैं और 27 अक्टूबर को आने वाले परिणाम क्या तस्वीर पेश करते हैं।

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