Bihar By Elections 2026: बिहार विधान परिषद् उपचुनाव का ऐलान! जानें भागलपुर-सह-बक्सर सीट का पूरा शेड्यूल

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद् की भागलपुर-सह-बक्सर सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राधाचरण शाह के विधायक बनने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। उपचुनाव के लिए 12 मई 2026 को मतदान होगा और 14 मई को नतीजे आएंगे। इस चुनाव में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

Bihar By Elections 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 9, 2026

Bihar By Elections 2026: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार विधान परिषद् की भागलपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह महत्वपूर्ण सीट पूर्व एमएलसी राधाचरण शाह के इस्तीफे के बाद से खाली पड़ी थी। आयोग की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक दलों ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित मतदान का पूरा कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस उपचुनाव की औपचारिक प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी (Notification Issuance) होने के साथ शुरू होगी। इच्छुक प्रत्याशी 23 अप्रैल 2026 तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकनों की स्क्रूटनी यानी जांच 24 अप्रैल को की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 27 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस सीट के लिए मुख्य मुकाबला और मतदान (Poll Day) 12 मई 2026 को होगा, जिसके बाद 14 मई को परिणामों की घोषणा की जाएगी।

आदर्श आचार संहिता का क्रियान्वयन

आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया को 15 मई 2026 तक पूरी तरह संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में जो भी उम्मीदवार विजयी होगा, उसका कार्यकाल (Term of Office) 7 अप्रैल 2028 तक रहेगा। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमिता न हो और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग रोका जा सके।

राधाचरण शाह का इस्तीफा और विधान परिषद से विधानसभा तक का सफर

यह सीट 16 नवंबर 2025 से रिक्त है, क्योंकि तत्कालीन सदस्य राधाचरण शाह ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था। शाह, जो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर नेता रहे हैं, जुलाई 2015 से नवंबर 2025 तक स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र (Local Authorities Constituency) का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने संदेश विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और अब वे विधायक के रूप में सदन का हिस्सा हैं। उनके विधायक बनने के कारण ही इस सीट पर उपचुनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है।

स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों की भूमिका

इस उपचुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आम जनता सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लेती है। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में केवल स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि (Local Body Representatives) ही वोट डालते हैं। इसमें वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यही कारण है कि राजनीतिक दल अब सीधे तौर पर पंचायत प्रतिनिधियों को साधने की रणनीति बना रहे हैं। चूंकि यह स्थानीय निकाय का चुनाव है, इसलिए इसमें जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद है।

12 मई को होने वाला यह उपचुनाव न केवल रिक्त सीट को भरने की प्रक्रिया है, बल्कि यह आगामी समय के लिए बिहार की सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों की जमीनी मजबूती की परीक्षा भी साबित होगा।