Aurangabad Triple Murder: रूह कंपा देने वाली वारदात, औरंगाबाद में तीन बच्चों की निर्मम हत्या

बिहार के औरंगाबाद में रूह कंपा देने वाली वारदात! मोबाइल दिखाने के बहाने बुलाकर सगे चाचा ने अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजी की गला रेतकर हत्या कर दी। शोर बाहर न जाए, इसके लिए कमरे में तेज आवाज में गाना बजाया। क्या थी इस सनकीपन के पीछे की असली वजह?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 27, 2026

Aurangabad Triple Murder:  बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार सुबह हसपुरा थाना क्षेत्र के खुटहन गांव में एक सनकी चाचा ने अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय अनीश कुमार, 7 वर्षीय आयुष कुमार और 5 वर्षीय अनुष्का कुमारी के रूप में हुई है। बच्चों की जान लेने के बाद आरोपी चाचा ने खुद का भी गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। वर्तमान में उसकी हालत अत्यंत गंभीर है और उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।

तेज संगीत के शोर में दबी मासूमों की चीखें

यह हत्याकांड किसी सोची-समझी साजिश का परिणाम लगता है। सुबह करीब 10 बजे, जब बच्चों की मां अनीता देवी स्नान कर रही थीं, आरोपी बाइक से घर लौटा। दरवाजा खुलने में हुई मामूली देरी से वह आगबबूला हो गया। घर के अंदर दाखिल होते ही उसने सबसे पहले मोबाइल दिखाने के बहाने तीनों बच्चों को एक कमरे में इकट्ठा किया। इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर ताला लगा दिया और बाहर से एक भारी ड्रम सटा दिया ताकि कोई अंदर न आ सके। बच्चों की चीखें बाहर न सुनाई दें, इसके लिए उसने बड़े स्पीकर पर कान फोड़ू आवाज में संगीत बजा दिया और एक-एक कर तीनों का गला रेत दिया।

पिता की गैरमौजूदगी में उजड़ गया हँसता-खेलता परिवार

वारदात के समय बच्चों के पिता गुड्डू घर पर नहीं थे। वे ट्रेन की पैंट्री कार में खाना बनाने का काम करते हैं और अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। घर में केवल मां और बच्चे ही मौजूद थे। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में रहता था और घर में कलह का माहौल रहता था। बताया जा रहा है कि आरोपी की शादी नहीं होने के कारण उसका अपनी भाभी से अक्सर विवाद होता रहता था। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रविवार को सास-बहू के बीच झगड़ा हुआ था, लेकिन देवर से उस वक्त कोई सीधा विवाद नहीं देखा गया था।

मौत के मंजर को देख दहल उठा पूरा गांव

पड़ोसियों ने बताया कि जब कमरे से संगीत की बेहद तेज आवाज आने लगी और कुछ अनहोनी का आभास हुआ, तो वे मौके पर पहुंचे। जब दरवाजा तोड़कर अंदर का नजारा देखा गया, तो सबकी रूह कांप गई। कमरे के फर्श पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और चार लोग लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे। तीनों बच्चे दम तोड़ चुके थे, जबकि आरोपी चाचा की सांसें अभी चल रही थीं। ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पड़ोसियों ने रोते हुए बताया कि ये बच्चे रोज उनके सामने खेला करते थे और उन्हें ‘अंकल’ कहकर पुकारा करते थे।

पुलिसिया कार्रवाई और चिकित्सा अधिकारियों का बयान

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कमरे से एक बड़ा खून से सना हुआ चाकू और टूटा हुआ साउंड बॉक्स बरामद किया गया है। इलाज करने वाले डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि आरोपी के गले पर किसी धारदार हथियार से गहरा वार किया गया है। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण उसे पटना भेजा गया है। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है कि क्या यह केवल गुस्से में किया गया कृत्य था या इसके पीछे कोई पुरानी गहरी रंजिश या मानसिक विकार जिम्मेदार है।

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