केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग में 6% सालाना बढ़ोतरी का प्रस्ताव, DA फॉर्मूला भी बदल सकता है

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बनने वाले अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) ने 8वां केंद्रीय वेतन आयोग को कई अहम सुझाव दिए हैं। कर्मचारी संगठन ने आयोग की चेयरपर्सन न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजे अपने जवाब में कुल 17 मांगें रखी हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग महंगाई भत्ता (DA) की गणना के तरीके को बदलने की है। AIDEF का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक महंगाई प्रभाव को सही तरह से नहीं दर्शाती। क्या है डिटेल अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता

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Published On :

मार्च 12, 2026

नई दिल्ली
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बनने वाले अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) ने 8वां केंद्रीय वेतन आयोग को कई अहम सुझाव दिए हैं। कर्मचारी संगठन ने आयोग की चेयरपर्सन न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजे अपने जवाब में कुल 17 मांगें रखी हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग महंगाई भत्ता (DA) की गणना के तरीके को बदलने की है। AIDEF का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक महंगाई प्रभाव को सही तरह से नहीं दर्शाती।

क्या है डिटेल
अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीने के औसत के आधार पर तय होता है। इस इंडेक्स को लेबर ब्यूरो तैयार करता है, जिसमें सब्जी, फल, कपड़े और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों को शामिल किया जाता है। इसी के आधार पर साल में दो बार DA बढ़ोतरी तय होती है।

क्या है DA कैलकुलेशन
लेकिन, AIDEF का कहना है कि यह इंडेक्स कर्मचारियों और पेंशनरों की वास्तविक खर्च स्थिति को नहीं दिखाता। संगठन के मुताबिक CPI बास्केट में कई वस्तुओं की कीमतें पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (राशन) या सब्सिडी वाली दरों पर मानी जाती हैं, जबकि ज्यादातर कर्मचारी बाजार से ऊंची कीमत पर सामान खरीदते हैं। इसलिए महंगाई की असली मार इस इंडेक्स में दिखाई नहीं देती। इसी वजह से AIDEF ने सुझाव दिया है कि 8वें वेतन आयोग में DA की गणना के लिए नया और ज्यादा वास्तविक इंडेक्स बनाया जाए। संगठन का कहना है कि इसमें खुली रिटेल मार्केट में मिलने वाली कीमतों या सरकारी कोऑपरेटिव कंज्यूमर स्टोर्स की दरों को आधार बनाया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार सही भत्ता मिल सकेगा।

इसके अलावा AIDEF ने कई अन्य अहम मांगें भी रखी हैं। संगठन ने सेना में लागू अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर जैसी फिक्स्ड टर्म भर्ती व्यवस्था को खत्म करने और सभी अग्निवीरों को नियमित करने की मांग की है। साथ ही मौजूदा मिलिट्री सर्विस पे (MSP) को हटाकर ‘डायनेमिक रिस्क एंड रेडीनेस प्रीमियम’ देने का प्रस्ताव रखा गया है, जो पुलिस और अन्य बलों की एंट्री लेवल सैलरी से कम से कम 25% ज्यादा होना चाहिए।

वेतन और प्रमोशन से जुड़े मामलों में भी AIDEF ने बड़े बदलाव सुझाए हैं। संगठन ने मौजूदा 3% सालाना वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 6% करने, सेवा के 30 साल में कम से कम 5 गारंटीड प्रमोशन देने और सबसे ज्यादा तथा सबसे कम वेतन के बीच अनुपात 1:10 रखने की मांग की है। इसके अलावा सशस्त्र बलों के लिए पुरानी पेंशन योजना को जारी रखने और सेवानिवृत्ति आयु में मानवीय तरीके से चरणबद्ध बढ़ोतरी जैसे सुझाव भी दिए गए हैं।

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