Shintaphu Lake GLOF : भूटान की शिंताफू झील में GLOF से खतरा, संकोश नदी में रेड अलर्ट, हजारों लोग सुरक्षित

भूटान की शिंताफू झील में GLOF की घटना ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। संकोश नदी के लिए रेड अलर्ट जारी है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अगले 5 से 6 घंटे प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बेहद अहम हैं।

Shintaphu Lake GLOF

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 30, 2026

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Shintaphu Lake GLOF : भूटान के हिमालयी क्षेत्र में स्थित शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना के बाद पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हिमनद झील से निकला पानी निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

6 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

अलीपुरद्वार प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 6,000 से अधिक लोगों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। इसके अलावा लगभग 4,000 से 5,000 लोगों के लिए स्कूलों को अस्थायी राहत केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर लोगों के रहने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य पानी का स्तर बढ़ने से पहले संवेदनशील इलाकों को खाली कराना है।

SDRF तैनात, NDRF की टीम भी पहुंच रही

अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ ने बताया कि फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस, जिलाधिकारी कार्यालय, प्रखंड विकास अधिकारी और दूसरी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से काम कर रही हैं। SDRF की टीम मौके पर तैनात है, जबकि NDRF की एक टीम रास्ते में है। इसके साथ ही सिविल डिफेंस के जवानों को भी राहत और बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया गया है।

संकोश नदी प्रणाली के लिए रेड अलर्ट जारी

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शुरुआती जानकारी में बाढ़ के पानी की तीव्रता में कुछ कमी दिखाई दी है, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता कम नहीं की है। संकोश नदी प्रणाली के लिए रेड अलर्ट जारी रखा गया है। आशंका है कि अगले कुछ घंटों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है। पानी के साथ मरी हुई मछलियां, लकड़ी के बड़े टुकड़े और कंक्रीट का मलबा भी निचले इलाकों तक पहुंच सकता है।

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राहत शिविरों में भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था

प्रशासन ने राहत केंद्रों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सूखे राशन और पीने के पानी की व्यवस्था की है। इसके अलावा शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो घंटों में स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा। किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को तैयार रहने को कहा गया है।

मो छू नदी से संकोश तक पहुंच सकता है बाढ़ का पानी

राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया कि भूटान में हिमनद झील फटने के बाद पानी उफनकर मो छू नदी की ओर बह रहा है। आशंका है कि यह पानी आगे संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों तक पहुंचेगा। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क कर सुरक्षित दूरी पर जाने की सलाह दी गई है। उनके अनुसार, अगले 5 से 6 घंटों में बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है।

सरकार अलर्ट, जान-माल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन दल को सक्रिय कर दिया गया है और NDRF को भी सूचना दी गई है। आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों को प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है। प्रशासन की प्राथमिकता संभावित बाढ़ से लोगों की जान और संपत्ति को बचाना है। आने वाले कुछ घंटे अलीपुरद्वार और संकोश नदी के आसपास के इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।